Wednesday, May 22, 2019
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Haryana

HARYANA-खुले फड़ पर रखना पड़ेगा 60 लाख टन गेहूं

May 14, 2019 05:37 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR MAY 14

प्रदेश में अबकी बार 4 लाख टन अिधक आवक, खुले फड़ पर रखना पड़ेगा 60 लाख टन गेहूं
45 लाख टन पिछला अनाज गोदामों मंे भरा, केंद्रीय पूल में जाएगा 84 लाख टन गेहूं

सुशील भार्गव | राजधानी हरियाणा
हरियाणा में अबकी बार करीब 60 लाख टन गेहूं खुले फड़ पर रखना पड़ेगा, क्योंकि प्रदेश में इस बार 91 लाख टन से अधिक गेहूं उत्पादन हो गया है। यह पिछले साल के 87.64 लाख टन से करीब चार लाख टन अधिक है। 15 मई तक प्रदेश में गेहूं खरीदा जाएगा। ऐसे में यह आंकड़ा 92 लाख टन के पार जाने की संभावना है। ऐसे में केंद्रीय पूल में हरियाणा अबकी बार करीब 84 लाख टन गेहूं भेजेगा, जो अब तक भेजे जा रहे गेहूं का सर्वाधिक होगा।
कृषि विपणन बोर्ड के अधिकारियों ने पहले ही संभावना जता दी थी कि अबकी बार प्रदेश में 90 लाख टन से अधिक गेहूं उत्पादन हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि सरसों को लेकर सोमवार को चंडीगढ़ में आला अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया कि जहां भी सरसों से अधिक आमदनी हो, वही तरीका अपनाया जाए। संभावना है कि सरसों का तेल निकालकर बेचा जा सकता है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एसीएस एसएन राय ने बताया कि अबकी बार काफी मात्रा में गेहूं खुले फड़ पर रखना पड़ सकता है। क्योंकि मंडियों मंे 91 लाख टन से अधिक गेहूं की आवक हो चुकी है। प्रदेश मंे गेहूं को सहेजकर रखा जाएगा।
98 लाख टन है कवर्ड गोदाम : हरियाणा में फिलहाल करीब 98 लाख टन के कवर्ड गोदाम हैं। अभी गोदामों में करीब 45 लाख टन गेहूं और चावल के अलावा 6 लाख टन से अधिक सरसों रखी गई है, क्योंकि सरसों को खुले में नहीं रखा जा सकता। अब मंडियों में 91 लाख टन गेहूं और आ गया है। ऐसे में इसमें से करीब 60 लाख टन गेहूं को कवर्ड गोदामों में नहीं रखा जा सकेगा। गेहूं को खुले फड़ में ही रखना होगा। संबंधित विभाग ने ऐसे खुले फड़ों की व्यवस्था कर दी है और प्लास्टिक सीट अधिक से ढककर गेहूं को रखा जाएगा। हालांकि ऐसे में गेहूं स्टोर करने पर उम्र कम रहती है।
सेंट्रल पूल में अबकी बार 84 लाख टन गेहूं जाएगा : अबकी बार सेंट्रल पूल में हरियाणा की ओर से करीब 84 लाख टन गेहूं भेजा जाएगा। यानी 92 लाख टन गेहूं की कुल खरीद में से हरियाणा में आठ लाख टन के करीब गेहूं रहेगा, शेष गेहूं को सेंट्रल पूल में भेजा जाएगा। गत वर्ष प्रदेश की अनाज मंडियों में करीब 87.64 लाख टन गेहूं की खरीद हुई थी। इसमें से 80 लाख टन के करीब गेहूं सेंट्रल पूल को भेजा गया था।
राेहतक | नई अनाज मंडी में खुले अासमान के नीचे रखी हुई गेंहू की बाेरियाें बरसात में भीगने के दाैरान बरसात के जमे हुए पानी काे निकालते हुए कर्मचारी।
पांच वर्ष में 7 हजार करोड़ बढ़ी आमदनी
50 हजार एकड़ में कम था इस बार गेहूं : हरियाणा में इस बार 25.10 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई की गई थी, जो पिछले साल के 25.30 लाख हेक्टेयर से 20 हजार हेक्टेयर यानी 50 हजार एकड़ कम थी। इसके बावजूद मौसम अप्रैल तक गेहूं के अनुकूल रहा, इससे गेहूं उत्पादन बंपर हुआ है।
हरियाणा में किसानों को जहां गेहूं बेचने पर वर्ष 2015-16 में 9976 करोड़ रुपए दिए गए थे। वहीं 2016-17 में यह राशि बढ़कर 10373 करोड़, वर्ष 2017-18 में 12202 करोड़, वर्ष 2018-19 में 15204 करोड़ और अबकी बार बढ़कर करीब 17000 करोड़ रुपए तक जा सकती है।
अब सरसों का तेल निकालकर बेचने की तैयारी : अबकी बार सरकार ने प्रदेशभर से करीब 6 लाख टन सरसों की

 
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