Monday, May 20, 2019
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Punjab

गुरदासपुर से भाजपा प्रत्याशी अजय सिंह देओल का नाम उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट में सनी देओल

May 06, 2019 10:56 AM

चंडीगढ़- पंजाब एंव हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने पंजाब  के सभी 13  लोक सभा हलकों के सम्बन्ध में जारी उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट का जब अवलोकन किया  तो उन्होंने देखा की राज्य का लोक सभा चुनावी हल्का संख्या नंबर 1 अर्थात गुरदासपुर से, जहाँ से कुल 15 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, में भाजपा प्रत्याशी अजय सिंह देओल का नाम इस सूची में सनी देओल दिखाया गया है।इस पर अन्य उम्मीदवारों ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग द्वारा सरेआम भाजपा उम्मीदवार की मदद करने की नीयत से उसका नाम बदला गया है जो कि सरासर गलत है।एडवोकेट हेमंत ने बताया कि जब उन्होंने देओल द्वारा अपने नामांकन फॉर्म  के साथ  संलग्न  चुनावी एफिडेविट (हलफनामा) का अध्ययन किया तो उसमें उन्होंने अपना  नाम अजय सिंह धर्मेंद्र देओल बताया है। अब आयोग द्वारा जारी उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट में उनका नाम सनी देओल, जोकि उनका प्रचलित फ़िल्मी नाम है एवं जिस नाम से उन्हें सभी लोग जानते हैं, किये जाने पर एडवोकेट हेमंत का कहना है कि मौजूदा चुनावी नियमों अर्थात निर्वाचन सञ्चालन नियम, 1961 की नियम संख्या 8  (2 ) के अंतर्गत सम्बंधित रिटर्निंग अफसर द्वारा ऐसा किया जा सकता है।हेमंत ने बताया कि अगर नामांकन फॉर्म भर चुके किसी उम्मीदवार को यह महसूस हो कि नामांकन फॉर्म में उसके  नाम के गलत स्पेलिंग हैं या वो सही तरीके से नहीं लिखा गया  है अथवा वह उस नाम से भिन्न है जिस नाम से वह  व्यक्ति जन-साधारण में आम तौर पर जाना जाता है या प्रसिद्ध  हैं , तो वह सम्बंधित रिटर्निंग अफसर द्वारा लोक सभा हलके से चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की फ़ाइनल सूची जारी करने से पहले नामांकन फॉर्म  में भरे गए अपने नाम में उचित परिवर्तन करने के लिए उन्हें  लिख कर प्रार्थना कर सकता है और रिटर्निंग अफसर ऐसी की गयी प्रार्थना पर विचार कर इस सम्बन्ध में उचित निर्णय लेकर उस उम्मीदवार का नाम परिवर्तन करने की स्वीकृति प्रदान कर सकता है।

हेमंत ने बताया की ऐसी ही जैसे कोई उम्मीदवार अगर डॉक्टर है, अधिवक्ता है, सी.ए. आदि के व्वयसाय में है अथवा वह अपने नाम के आगे सामान्यत:  जैलदार, लम्बरदार, प्रधान  आदि का शब्द प्रयुक्त करता है, तो उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट में इसे शामिल करने के लिए भी वह समय रहते अर्जी दे सकता है हालांकि उसे इस बाबत स्वीकृति देना या न देना सम्बंधित रिटर्निंग अफसर के अधिकार-क्षेत्र में आता है परन्तु असली नाम की बजाय फिल्मी प्रचलित नाम को लिस्ट में शामिल किए जाने का मामला शायद पहली बार ही देखने को मिला है।गौरतलब है कि पंजाब की 13 लोक सभा सीटों में  कुल 278  उम्मीदवार ही  चुनावी मैदान  में रह गए है जिसमें से केवल 25 ही महिला प्रत्याशी  हैं।इसके साथ ही राज्य  के सभी   लोक सभा हलकों के  सम्बंधित रिटर्निंग अफसर द्वारा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारो को चुनाव चिन्ह भी आबंटित कर दिए गए हैं। राज्य के  मुख्य चुनाव अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर इस बाबत सूची भी अपलोड कर दी गयी है जिसमे सभी 13  लोक सभा हलकों में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के नाम, फोटो, उनका रिहायशी पता और उनको अलॉट किया गया चुनावी चिन्ह दर्शाया गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि निर्वाचन सञ्चालन नियम, 1961 की नियम संख्या 10 (1 ) एवं इन नियमो के साथ संलग्न फॉर्म 7 ए के अंतर्गत चुनावी मैदान में मौजूद सभी फाइनल उम्मीदवारों की उक्त सूची प्रकाशित की जाती है जिसे भारत सरकार एवं राज्य सरकार के गजट (राजपत्र) में भी अधिसूचित किया जाता है। उन्होंने  बताया की वर्ष 1996 में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 में संशोधन कर इसकी धारा 38 में यह प्रावधान कर दिया गया था कि ऐसी  प्रकाशित फाइनल उम्मीदवारों की सूची में तीन कैटेगरी  होंगी क्रमश: सबसे पहले  मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों  के उम्मीदवारों के नाम, उसके बाद रजिस्टर्ड (पंजीकृत) राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों  के नाम एवं  उसके बाद अन्य अर्थात निर्दलीय उम्मीदवारों के नाम।

 
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