Tuesday, April 23, 2019
Follow us on
BREAKING NEWS
भिवानी: कांग्रेस प्रत्याशी श्रुति चौधरी का नामाकांन के समय जाते हुएवरिष्ठ बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने गांधीनगर में मतदान कियावोट डालने के बाद अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव बोलीं, ये चुनाव देश की दिशा तय करेगायूपी में सबसे ज्यादा सीटें गठबंधन की होंगी: अखिलेश यादवधर्मेंद्र यादव की शिकायत के बाद बदायूं में स्वामी प्रसाद मौर्य के घर पर छापेमारीBJP में शामिल हुए अभिनेता सनी देओल, पंजाब के गुरदासपुर से लड़ सकते हैं चुनावबीजेपी में शामिल होने के बाद सनी देओल ने कहा, हर वक्त काम करके दिखाऊंगापापा अटलजी के साथ जुड़े, मैं मोदी के साथ: बीजेपी में शामिल होने पर सनी देओल
National

चुनावी उत्सव में पगलाया लोकतंत्र

April 15, 2019 04:22 PM
लोकतांत्रिक प्रणाली का आधार सत्ता का विकेन्द्रीकरण होता है, चाहे वह अमेरिका की राष्ट्रपति प्रणाली हो या ब्रिटेन की संसदीय प्रणाली। लेकिन भारत में हम लगातार सत्ता के केन्द्रीयकरण की तरफ बढ़ रहे हैं। यह लोकतंत्र के भविष्य के लिये खतरे की घंटी है। आज चुनाव में मुख्य पार्टियां न तो मुद्दों पर चुनाव लड़ रही है, न सिद्धांतों पर, अपितु व्यक्तित्व तथा चेहरों पर चुनाव लड़े जा रहे हैं। भाजपा सीधे मोदी के लिये वोट मांग रही है। पिछली बार वाराणसी में ‘‘हर हर भोले’’ की तर्ज पर ‘‘हर हर मोदी, घर घर मोदी’’ के नारे को फिर से बुलंद कर भाजपा ने चुनाव में ‘‘राहुल बनाम मोदी’’ का पैंतरा खेला, लोगों से पूछा है कि अगर मोदी को नहीं चुनना है तो किसी चुनेंगे - पपु (राहुल) को चुनेंगे अर्थात नरेन्द्र मोदी का विकल्प ही नहीं है? शायद इसी के उत्तर में कांग्रेस ने भी ‘‘प्रिंयका गांधी’’ को उनके शोभनीय व्यक्तित्व व लोकप्रिय छवि को भुनाने के लिये चुनावी अखाड़े में उतारा है।
कहते हैं कि उत्तम दर्ज़े की चर्चा का विषय- मुद्दे व सिद्धांत होते हैं, मध्यम स्तर पर घटनायें तथा निम्नतम स्तर की चर्चा का विषय व्यक्ति होते हैं। ये बात चुनावों पर भी लागू होती है। मुद्दा विहीन चुनाव न केवल व्यक्तियों पर केन्द्रित हो गये हैं, अपितु एक नेता, पार्टी के सर्वें-सर्वा पर केन्द्रित हो गये हैं। आज उम्मीदवार व जनप्रतिनिधि की शख्सियत पार्टी में लय हो गई है तथा पार्टी का मुख्य नेता पार्टी से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। पहले पार्टियां सरकार बनाती थी, चाहे वह केन्द्र हो या राज्य स्तर, पर अब सब नेता स्वयं को इतना मजबूत करने में लगे हैं कि सरकार में वे प्रधानमंत्री के दावेदार तो है ही, सभी राज्यों में भी सरकार में उनके चहेते तथा उनके कृपापात्र ही मुख्यमंत्री बन पाते हैं। जनप्रतिनिधि या उम्मीदवार की शक्ति सरकार में हो चाहे विपक्ष में, उसकी भूमिका कम से कमतर होती जा रही है। यह मजबूत लोकतंत्र और विशेषकर संसदीय प्रणाली का आधार ही यह है कि ‘‘Let thousand flowers bloom’’ ‘‘एक व्यक्ति एक वोट’’ इस तथ्य को रेखांकित करता है कि प्रजातंत्र में सबसे अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की भी सरकार बनाने में भागीदारी चलती है। उसके द्वारा चुना हुआ जनप्रतिनिधि सभी एवं अपने क्षेत्र के मुद्दे रख सके, उससे समय पर संवाद कर सके, आवश्यकता पड़ने पर अपना विरोध जता सके, ऐसी व्यवस्था संविधान में जनतंत्र की संसदीय प्रणाली में की गई है। लेकिन 2019 का चुनाव भाजपा सीधे-सीधे नरेन्द्र मोदी के नाम पर लड़ रही है। भाजपा में जिन बड़े बड़े समर्थ नेताओं को हटाकर केवल ‘‘अमित शाह’’ ‘‘नरेन्द्र मोदी’’ पार्टी अध्यक्ष व प्रधानमंत्री का एकाधिकार बना है या बनाया गया है, उससे तो पार्टी में कार्यकत्र्ताओं की हैसियत मात्र कठपुतलियों जैसी हो गई है। भारतीय लोग व भारतीय समाज मूलतः फितरत से ही सत्ता के पुजारी है, सामंती तथा सत्तावादी हैं। जनतांत्रिक भावनाये ंतो ऊपर से लादी हुई सी लगती हैं।  भारत में परिपक्व तथा मजबूत लोकतंत्र के लिये विशेषकर संसदीय प्रणाली में सभी 543 जनप्रतिनिधि महत्वपूर्ण है, उनका सक्रिय तथा सशक्त योगदान ही हमारे देश को उन्नति तथा उत्कर्ष की ओर ले जायेगा। अतः जमीनी स्तर पर प्रजातंत्र लाने के लिये जरूरी है कि उम्मीदवार व जनप्रतिनिधि के दावेदार की योग्यता, उसकी उपलब्धियां देखी व आंकी जानी चाहिये न कि वर्तमान संदर्भ में जैसा चल रहा है कि आप ये मत देखो कि उम्मीदवार कौन है? ये सरासर गलत है तथा प्रजातांत्रिक प्रणाली की जड़ों पर सीधे-सीधे कुठाराघात है। लोकतांत्रिक व्यवस्था को पनपने तथा विकसित होने के लिये जनप्रतिनिधियों का मजबूत होना, मुखर होना बेहद जरूरी है, चाहे वे सत्तापक्ष में हो या विपक्ष में। लेकिन वर्तमान चुनाव देखकर तो लगता है कि लोकतंत्र पगलाया हुआ है।
          डा0 क0 कली
 
Have something to say? Post your comment
 
More National News
वरिष्ठ बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने गांधीनगर में मतदान किया धर्मेंद्र यादव की शिकायत के बाद बदायूं में स्वामी प्रसाद मौर्य के घर पर छापेमारी गांधीनगर: मतदान से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मां हीरा बेन का आशीर्वाद लिया सुबह से मतदान केंद्रों पर दिख रहा है जोश, पोलिंग बूथों पर लंबी कतारें लगीं खुली जीप में बैठ कर रानिप पोलिंग बूथ पर वोट डालने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गांधीनगर संसदीय सीट के रानिप बूथ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदान किया वोट डालने के बाद प्रधानमंत्री मोदी बोले, मुझे भी मतदान करने का सौभाग्य मिला राहुल बोले, केजरीवाल को छोड़नी होगी हरियाणा की शर्त 4+3 पर आखिर तक तैयार हैं... IIT-B’s B-school draws BJP fire for tweet, disowns it US ends Iran curbs waiver, fuel prices set to shoot up