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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछली 7 रैलियों में वंशवाद पर प्रहार करते दिखे। लेकिन, भाजपा के सहयोगी 3 दल भी वंशवाद की राजनीति में डूबे हुए

April 15, 2019 07:04 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR APRIL 15
इस चुनाव में 10 राज्यों में 14 बड़े क्षेत्रीय दल वंशवाद की राजनीति कर रहे; 5 दल कांग्रेस, 3 भाजपा के साथ
वंशवाद/परिवारवाद: मोदी लगातार 7 रैलियों में वंशवाद पर बोले, लेकिन भाजपा के सहयोगी भी वंशवादी हैं
जिन 10 राज्यों में सियासी परिवार, वहां 317 सीटें हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछली 7 रैलियों में वंशवाद पर प्रहार करते दिखे। लेकिन, भाजपा के सहयोगी 3 दल भी वंशवाद की राजनीति में डूबे हुए हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस के अलावा देश के 10 राज्यों में 14 बड़े क्षेत्रीय दल ऐसे हैं, जिनके परिवार के सदस्य इस बार चुनाव लड़ रहे हैं। एेसे 5 दल कांग्रेस और 3 भाजपा के साथ हैं। जबकि छह दल अकेले ही चुनाव मैदान में हैं।
भास्कर रिसर्च: गांधी परिवार की चौथी पीढ़ी, 3 दलों की तीसरी पीढ़ी मैदान में
राज्य पार्टी परिवार पीढ़ी चुनाव गठबंधन
जम्मू-कश्मीर पीडीपी मुफ्ती दूसरी महबूबा मुफ्ती नहीं
एनसी अब्दुल्ला तीसरी फारूक अब्दुल्ला कांग्रेस
पंजाब अकाली दल बादल दूसरी हरसिमरत भाजपा
यूपी सपा यादव दूसरी 5 लोग बसपा-रालोद
रालोद चौधरी तीसरी अजित-जयंत सपा-बसपा
बिहार आरजेडी यादव दूसरी मीसा भारती कांग्रेस
लोजपा पासवान दूसरी चिराग पासवान भाजपा
महाराष्ट्र शिवसेना ठाकरे दूसरी कोई नहीं भाजपा
एनसीपी पवार दूसरी सुप्रिया सुले कांग्रेस
कर्नाटक जेडीएस गौड़ा तीसरी तीन लोग कांग्रेस
तमिलनाडु द्रमुक करुणानिधि दूसरी कनिमोझी कांग्रेस
ओडिशा बीजेडी पटनायक दूसरी नवीन नहीं
तेलंगाना टीआरएस केसीआर दूसरी कविता नहीं
आंध्र प्रदेश टीडीपी नायडू दूसरी लोकेश नहीं
यूपी में पहले चरण की 8 में से 4 सीटों पर परिवारवादी प्रत्याशी थे। एक कांग्रेस, दो आरएलडी और एक सपा प्रत्याशी थे।
बिहार में 4 सीटों पर वंशवादी प्रत्याशी थे। लोजपा ने 2, जदयू-भाजपा- आरजेडी के एक-एक।
ओडिशा में बीजेडी ने अपने 3 नेताओं और भाजपा ने 1 एक नेता के वारिसों को टिकट दिया।
मेघालय में एनपीपी के 2, कांग्रेस के 1, उत्तराखंड में कांग्रेस के 2, आंध्र में टीडीपी के 3 और वाईएसआरपी का 1 है।
2014 में 45 सांसद सियासी परिवार के थे, कांग्रेस 18%, भाजपा के 7%
1999 से 2014 तक हुए चार चुनावों में ऐसे कांग्रेस से 36 और भाजपा से 31 चेहरे संसद पहुंचे, जो सियासी परिवार से हैं। 2014 में भाजपा के 20 यानी 7% और कांग्रेस 8 यानी 18% सांसद वंशवाद की राजनीति से जुड़े थे।
लोजपा के 33%, बीजेडी के 22%, अकाली दल के 25% सांसद वंशवाद से जुड़े थे।
यूपी से 51 नेता ऐसे, जिन्होंने संसद में वंशवाद को बढ़ाया
1952 से अब तक सबसे ज्यादा 51 राजनेता यूपी से रहे हैं, जो वंशवाद की राजनीति से जुड़े रहे हैं। ये सभी संसद पहुंचे हैं। इसके बाद बंगाल से 27, पंजाब और बिहार से 10-10 सांसद वंशवाद से जुड़े रहे हैं।
पहले चरण की 91 सीटों में से 25 सीटों पर कोई न कोई प्रत्याशी किसी राजनीतिक परिवार से मैदान में उतरा
चार लोकसभा चुनावों में वंशवाद
चुनाव सांसद
1999 35
2004 51
2009 53
2014 45

 
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