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अमेरिकी शहर को रास नहीं आई दुकानदारों की नोटबंदी, नया कानून बनाया, कैश लेने से मना किया तो डेढ़ लाख रु. का जुर्माना

April 01, 2019 05:59 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR APRIL 1

अमेरिकी शहर को रास नहीं आई दुकानदारों की नोटबंदी, नया कानून बनाया, कैश लेने से मना किया तो डेढ़ लाख रु. का जुर्माना
 : अमेरिका के फिलाडेल्फिया में दुकानदारों को नकद लेने के लिए कानून बना, 1 जुलाई से लागू होगा

डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने और कैश खत्म करने के लिए दुनियाभर में कोशिशें तेज हो रही हैं, वहीं अमेरिका में इसके उलट हो रहा है। फिलाडेल्फिया अमेरिका का पहला ऐसा शहर होगा, जहां दुकानदार नकदी लेने से इनकार नहीं कर सकेंगे। यहां ऐसा कानून बनाया गया है, जिसके तहत नकदी लेने से मना करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। इस कानून में ऐसी दुकानों को बंद किए जाने तक का भी प्रावधान है। शहर के मेयर जिम केनी ने गुरुवार काे कैशलेस बिजनेस बिल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके अनुसार कारोबारियों काे डिजिटल ट्रांजेक्शन के साथ-साथ कैश भी अनिवार्य रूप से लेना हाेगा। 1 जुलाई से यह कानून लागू हो जाएगा। जो कारोबारी नकदी लेने से इनकार करेगा, उस पर 2000 डाॅलर यानी करीब डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है। जब न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन और न्यूजर्सी में नकदी लेने से इनकार करने के मामले सामने आए तो यहां भी प्रशासन ने कैश-फ्री विकल्प पर पाबंदी लगाने के लिए इसी तरह का कानून लाने की तैयारी कर ली है। अमेरिका के 6वें सबसे बड़े शहर फिलाडेल्फिया में ज्यादातर दुकादाराें ने नकदी लेन-देन से इनकार कर दिया था। कई दुकानदाराें ने ताे स्टाेर के बाहर बाेर्ड तक लगवा रखे थे कि वे नकद नहीं लेंगे। दुकानदारों का कहना है कि नकद लेन-देन से चाेरी का खतरा बना रहता है अाैर भ्रष्टाचार काे भी बढ़ावा मिलता है। जबकि आम लाेगाें का कहना है स्टोर संचालकों का यह रवैया छाेटी अाय वाले लाेगाें के साथ भेदभाव वाला है। फिलाडेल्फिया शहर के काउंसलर बिल ग्रीनली का कहना है कि नया कानून बिलकुल वैसा ही है कि मैं कैशलेस होकर सिटी हॉल में एक कप काॅफी पीने के लिए जाता हूं और मुझे कॉफी मिल जाती है जबकि मेरे पीछे दूसरा शख्स, जो नकद लेकर चलता है, उसे कॉफी नहीं मिल सकती। यह किस तरह का न्याय होगा?
न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन में भी ऐसा ही कानून लाने की तैयारी
डिजिटल लेन-देन में अमेरिका 5वें क्रम पर, भारत 28वें स्थान पर
इकॉनामिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट ने हाल में 74 देशों में डिजिटल लेनदेन को लेकर एक सर्वे करवाया था। इसमें कनाडा पहले स्थान पर है जबकि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका का क्रम पांचवां है। स्वीडन दूसरे, ब्रिटेन तीसरे और फ्रांस चौथे स्थान पर है। इस मामले में भारत का स्थान 28वां है। भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।

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