Thursday, June 27, 2019
Follow us on
BREAKING NEWS
Haryana

राजनीतिक दलों और चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों द्वारा इन निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए:डॉ० इन्द्र जीत

March 23, 2019 06:22 PM
भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा आम चुनाव-2019 की प्रक्रिया पूरी होने तक राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए चुनाव के दौरान क्या करें और क्या न करें (डूज एंड डॉन्ट) दिशा-निर्देशों की सूची तैयार की है।
हरियाणा के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ० इन्द्र जीत ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि राजनीतिक दलों और चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों द्वारा इन निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।
चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों दवारा क्या किया जाना चाहिए इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए डॉ० इन्द्र जीत ने बताया कि समान अवसर सुनिश्चित करें कि सार्वजनिक स्थानों जैसे मैदान और हेलीपैड सभी पार्टियों/ उम्मीदवार के लिए निष्पक्ष रूप से उपलब्ध होने चाहिए। चुनाव के दौरान, अन्य राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की आलोचना केवल उनकी नीतियों, कार्यक्रमों, पिछले रिकॉर्ड और काम तक ही सीमित रहना चाहिए ।  हर व्यक्ति का शांतिपूर्ण और विवेकपूर्ण जीवन का अधिकार पूरी तरह से सुरक्षित होना चाहिए। स्थानीय पुलिस अधिकारियों को पूरी तरह से सूचित करना चाहिए और प्रस्तावित बैठक/रैली के स्थान और समय की अनुमति निश्चित समय में ली जानी चाहिए। प्रस्तावित बैठक की जगह पर यदि कोई प्रतिबंधात्मक या निषेधात्मक आदेश लागू हों, तो उनका पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। प्रस्तावित बैठकों के लिए लाउडस्पीकर या किसी अन्य सुविधा के उपयोग के लिए अनुमति प्राप्त की जानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि बैठकों में गड़बड़ी या अव्यवस्था पैदा करने वाले व्यक्तियों से निपटने में पुलिस सहायता प्राप्त की जानी चाहिए। किसी भी जुलूस की शुरुआत और समाप्ति का समय और स्थान तथा उसके मार्ग को एडवांस में अंतिम रूप दिया जाना चाहिए और पुलिस अधिकारियों से पूर्व अनुमति प्राप्त की जानी चाहिए। जुलूस मार्ग यातायात को बाधित नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी चुनाव अधिकारियों का सहयोग करना चाहिए। चुनाव में लगे सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को पहचान पत्र प्रदर्शित करना होगा। उन्होंने बताया कि मतदाताओं को जारी की गई अनौपचारिक पहचान पर्ची सादे (सफेद) कागज पर होनी चाहिए और उस पर पार्टी का कोई प्रतीक और नाम या उम्मीदवार का नाम नहीं होना चाहिए। अभियान अवधि के दौरान और मतदान के दिन वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध का पूरी तरह से पालन किया जाए।
डॉ० इन्द्र जीत ने बताया कि चुनाव के संचालन के संबंध में कोई शिकायत या समस्या को चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक, रिटर्निंग ऑफिसर / जोनल / सेक्टर मजिस्ट्रेट / मुख्य निर्वाचन अधिकारी और भारत निर्वाचन आयोग  के संज्ञान में लाया जाना चाहिए । चुनाव के विभिन्न पहलुओं से संबंधित मामलों में निर्वाचन आयोग, रिटर्निंग अधिकारी / जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेश, दिशा- निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने बताया कि  राजनीतिक दलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि एक दिन में किसी भी व्यक्ति / कंपनी या इकाई को 10 हजार रुपये से अधिक नकद भुगतान न किया जाए।
चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों दवारा क्या नहीं किया जाना चाहिए इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि किसी भी आधिकारिक कार्य को चुनाव अभियान/चुनावी गतिविधियों के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। मतदाता को किसी भी प्रकार के  वित्तीय या अन्य प्रलोभन की पेशकश नहीं की जाएगी।  मतदाताओं से जाति / सांप्रदायिक भावनाओं के आधार पर कोई अपील नहीं की जाएगी। ऐसी कोई गतिविधि जो विभिन्न जातियों /समुदायों / धार्मिक / भाषाई समूहों के बीच  मतभेदों को बढ़ा सकती है या आपसी घृणा या तनाव का कारण बन सकती है, ऐसी कोई गतिविधि न की जाए, इसका प्रयास किया जाए। असत्यापित आरोप या विकृतियों पर अन्य दलों या उनके कार्यकर्ताओं की कोई आलोचना नहीं की जाएगी।
उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार के लिए भाषण, पोस्टर, संगीत आदि या चुनाव गतिविधियों में मंदिरों, मस्जिदों,  चर्चों और  गुरुद्वारों या किसी भी पूजा/ धार्मिक स्थल का कोई उपयोग नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऐसी गतिविधियाँ, जो भ्रष्ट आचरण और चुनावी अपराध हैं जैसे रिश्वत, अनुचित प्रभाव, मतदाताओं को डराना, व्यक्तित्व का प्रभाव, मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में प्रचार, मतदान के समापन के लिए निर्धारित 48 घंटे की अवधि के दौरान सार्वजनिक बैठकों का आयोजन, मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर लाना और ले जाना, यह सब गतिविधियां प्रतिबंधित हैं। किसी भी व्यक्ति के घर के सामने, उनकी राय या गतिविधियों का विरोध करने के लिए प्रदर्शन या धरने का सहारा नहीं लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों को नकद में लेन-देन करने से बचने की सलाह दी जाती है और वे अपने पदाधिकारी, अधिकारी, एजेंट और उम्मीदवार को भारी मात्रा में नकदी लेकर न चलने के निर्देश दें ताकि चुनाव की पवित्रता बनी रहे और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता आए।
उन्होंने बताया कि अन्य राजनीतिक दलों या उम्मीदवारों द्वारा आयोजित सार्वजनिक बैठकों या जुलूसों में कोई गड़बड़ी नहीं की जाएगी। जहाँ कोई दूसरा दल बैठक कर रहा है, उनके साथ लगते स्थानों पर कोई जुलूस नहीं होगा। अन्य दलों और उम्मीदवारों द्वारा लगाए गए पोस्टर को छुपाया या हटाया नहीं जाएगा। मतदान के दिन पहचान पर्ची के वितरण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली जगह या मतदान केंद्रों के पास पोस्टर, झंडे, प्रतीक या कोई अन्य प्रचार सामग्री को प्रदर्शित नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रात 10.00 बजे से सुबह 6.00 बजे तक स्थिर या वाहनों पर लाउडस्पीकरों का कोई उपयोग नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों की पूर्व लिखित अनुमति के बिना जनसभाओं और जुलूसों में लाउडस्पीकर का कोई उपयोग नहीं होगा। चुनाव के दौरान शराब का वितरण नहीं किया जाना चाहिए।
Have something to say? Post your comment
 
More Haryana News
अम्बाला:अम्बाला में वायुसेना के एक हवाई जहाज क्रेश हुआ हरियाणा सरकार से नाराज विनेश फोगाट ने प्रधानमंत्री से लगाई गुहार ‘मोदी जी, हमारी मन की बात भी तो सुन लीजिए’ नहर पटवारी के 1100 पदों पर नियुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती, सरकार को नोटिस जारी जेल जाने से पहले गुरमीत राम रहीम का रहा है खेती से नाता, एसडीएम लेवल पर होगी रिकाॅर्ड की समीक्षा लिंग परिवर्तन करा लड़का बनी फ्रेंच कोर्स की छात्रा, एमडीयू के हॉस्टल में दूसरी छात्रा के साथ पति-पत्नी की तरह रहने के आरोप HARYANA-कैश अवॉर्ड पर बवाल : खिलाड़ियों ने सरकार पर साधा निशाना, मंत्री बोले- यहां भी खेल भावना दिखानी चाहिए थी HARYANA-भाजपा नेता के रिश्तेदार का चालान काटने से उपजा विवाद- समय रहते कार्रवाई न करने पर एसएचअाे सस्पेंड No action against violators who cut trees in Aravallis All eyes on Mewat as key players switch sides ahead of state polls HARYANA-Decision to seek return of compensation in contravention of SC directions: