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Haryana

106 करोड़ के प्रोजेक्ट में 40 करोड़ का काम पूरा, पेमेंट नहीं हुआ, मंडे से काम हो जाएगा बंद

March 16, 2019 07:22 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR MARCH 16



106 करोड़ के प्रोजेक्ट में 40 करोड़ का काम पूरा, पेमेंट नहीं हुआ, मंडे से काम हो जाएगा बंद
मंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को झटका : 1 साल पहले शुरू हुए मंझावली पुल के निर्माण को पैसा नहीं दे रहा पीडब्ल्यूडी

केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के ड्रीम प्रोजेक्ट मंझावली पुल को झटका लगा है। पुल बनाने वाली कंपनी 40 करोड़ का काम पूरा कर चुकी है। लेकिन विभाग की ओर से अभी तक एक भी पैसे की पेमेंट नहीं की गई। अधिकारियों की मनमानी से परेशान कंपनी ने साइट से मशीनें वापस दूसरी साइटों पर भेजना शुरू कर दिया है। सोमवार से काम पूरी तरह ठप हो जाएगा। इस पुल का निर्माण कार्य एक साल पहले शुरू हुआ था। करीब 106 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण होना है। कंपनी ने दस पिलर बनाकर तैयार कर दिए है। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार करीब 35 से 40 फीसदी तक काम पूरा हो चुका है। पेमेंट के नाम पर पीडब्ल्यूडी की ओर से एक पैसे का भुगतान नहीं किया गया है। इससे कंपनी ने अपना बोरिया बिस्तर बांधना शुरू कर दिया है।
कई पत्र लिखे पर पेमेंट के लिए कोई सुनने वाला नहीं
पुल निर्माण करने वाली कंपनी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर बृजमोहन गुप्ता का कहना है कि पेमेंट के लिए पीडब्ल्यूडी समेत राज्य सरकार को कई पत्र लिखे लेकिन कुछ नहीं हुआ। विभाग समय पर काम पूरा कराने में कोई रुचि नहीं ले रहा है। उनका यह भी आरोप है कि कोई भी अधिकारी उनकी बात सुनने को राजी नहीं है। इस समस्या के बारे में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के पीए के माध्यम से सूचना भिजवाई लेकिन समस्या का कोई हल नहीं निकला। विभाग के साइट अधिकारी 11 बजे आते हैं और पांच बजे चले जाते हैं। बार-बार डिजाइन चेंज कराते रहते हैं। उनका कहना है कि जब पेमेंट ही नहीं होगा तो काम कैसे हो पाएगा।
पुल बन जाएगा तो फरीदाबाद से ग्रेटर नोएडा दो घंटे की जगह आधा घंटे में पहुंचेंगे
फरीदाबाद. मंझावली पुल से कंपनी अपनी मशीनें वापस लेकर जाती हुई।
15 अगस्त 2014 को गडकरी ने रखी थी आधारशिला
फरीदाबाद के मंझावली से ग्रेटर नोएडा के नौरंगपुर गांव के बीच यमुना पर बनने वाले इस पुल की आधारशिला 15 अगस्त 2014 को केंद्रीय भूतल व सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने रखी थी। इस पुल और रोड पर करीब 400 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। करीब 650 मीटर लंबे इस पुल पर करीब 106 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
पुल बनाने में हरियाणा, यूपी व केंद्र की सरकारें लगा रही हंै पैसा
इस पुल के लिए हरियाणा, यूपी सरकार व केन्द्र सरकार पैसा लगा रही हैं। जो जमीन हरियाणा प्रदेश की सीमा के अंदर होगी उसकी अदायगी हरियाणा सरकार करेगी। जो जमीन उत्तर प्रदेश की सीमा के अंदर होगी उसकी अदायगी उत्तर प्रदेश करेगी। शेष पुल के निर्माण का खर्चा केन्द्र सरकार करेगी। पुल में 12 पिलर बनाए गए हैं जो जमीन से 15 मीटर ऊंचा है। हर पिलर में 200 मीटर की दूरी रखी गई है ताकि आने वाले समय में जल परिवहन की सुविधा भी शुरू की जा सके।
पुल के बन जाने के बाद 60 से अधिक गांवों को फायदा
फरीदाबाद से ग्रेटर नोएडा दो की जगह आधा घंटे में पहुंच सकेंगे। इस पुल का सबसे फायदा 60 से अधिक गांवों व ग्रेटर फरीदाबाद में विकसित हो रहे 15 सेक्टरों के लोगों को होगा। यमुना पर बनने वाले पुल की करीब 25 किलोमीटर लंबी सड़क ओल्ड फरीदाबाद के पास आगरा नहर पर बने खेड़ी पुल से शुरू होगी। यह सड़क मंझावली पुल तक जाएगी।
राहत: मंझावली के इस पुल पर नहीं होगा काेई टोल टैक्स
इस पुल के साथ-साथ फरीदाबाद से मंझावली तक आने वाले रोड को भी हाइवे का दर्जा दिया गया है। पुल के निर्माण के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। वैसे तो इस पुल को 31 दिसम्बर 18 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन प्रोजेक्ट में कई मंत्रालयों और सरकारों से मिलने वाली मंजूरी के चलते इसमें लेटलतीफी भी हो गई। इस पुल पर कोई टोल टैक्स, ग्रीन टैक्स नहीं होगा।
हमने पुल का 40 फीसदी कार्य पूरा कर दिया है। पीडब्ल्यूडी को 40 करोड़ का बिल बनाकर भेजा था। लेकिन अथॉरिटी इंजीनियर भुगतान में अड़ंगा लाग रहे हैं। फरवरी में बारिश से कंपनी का काफी नुकसान हुआ। लेकिन रेट रिवाइज नहीं किए गए। बिल भुगतान नहीं होने से हमने काम बंद कर मशीनों को अन्य राज्यों की साइटों पर भेजना शुरू कर दिया है। -बृजमोहन गुप्ता, प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर, पुल निर्माण कंपनी
हमें इस बारे में जानकारी नहीं है कि ठेकेदार को भुगतान हुआ है या नहीं। यदि ऐसा है तो पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से बात की जाएगी और उनका भुगतान कराया जाएगा। पुल का निर्माण कार्य हमारी प्राथमिकता में है। इससे दो राज्यों की जनता को फायदा होगा। -कृष्णपाल गुर्जर, केंद्रीय राज्यमंत्री भारत सरका

 
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