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करनाल से सांसद रहे चुके डॉ. अरविंद शर्माआखिर भाजपा में आए -राजनीतिक सफर में कई बार आए उतार-चढ़ाव दीपेंद्र से बढ़ी नजदीकी तो किया था हुड्‌डा का गुणगान

March 16, 2019 07:04 AM


COURTESY DAINIK BHASKAR MARCH 16


पिछला लोकसभा चुनाव हारे तो कांग्रेस से बसपा में गए डॉ. शर्मा, घर वापसी की थी उम्मीद, आखिर भाजपा में आए
डाॅक्टर को मिली राजनीतिक बूटी : एक बार सोनीपत और 2 बार करनाल से रह चुके सांसद

सुशील भागर्व | राजधानी हरियाणा
एक बार सोनीपत से निर्दलीय और दो बार करनाल से सांसद रहे चुके डॉ. अरविंद शर्मा ने कांग्रेस और भाजपा में जाने की अटकलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में आस्था जताई है। पूर्व सांसद पिछले 2 साल से शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा से संपर्क बनाए हुए थे। आखिकार शुक्रवार को उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। इससे पहले डॉ. शर्मा की वापस कांग्रेस में जाने की चर्चाएं भी हुई थीं।
गौरतलब है कि पूर्व सांसद अरविंद शर्मा 2014 में कांग्रेस पार्टी से लोकसभा चुनाव लड़े और भाजपा के प्रत्याशी अश्विनी चोपड़ा से बड़े अंतर से हार गए थे। इसके बाद उन्होंने बहुजन समाज पार्टी जॉइन कर ली थी और जिसने उन्हें अपना सीएम पद का उम्मीदवार भी घोषित किया था। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में वे 2 सीटों से लड़े थे, जुलाना और यमुनानगर, लेकिन दोनों जगह बुरी हार गए थे। इसके बाद वर्ष 2016 में उन्होंने बसपा छोड़ दी।
अरविंद शर्मा के राजनीतिक सफर की बात करें तो 1996 में 11वीं लोकसभा के चुनाव में सोनीपत सीट से आजाद उम्मीदवार चुनाव जीतकर आए थे। इसके बाद शिवसेना के प्रदेश अध्यक्ष रहे और रोहतक लोकसभा से चुनाव लड़ा। वहां से हार गए। फिर कांग्रेस में शामिल हो गए और करनाल लोकसभा से 2004 और 2009 में चुनाव लड़ा। दोनों बार जीत हासिल की, तीसरी बाद भाजपा के अश्विनी चोपड़ा ने उनके विजयरथ को रोक दिया। इसके बाद बसपा में चले गए थे।
इसी बीच 10 सितंबर 2017 को अरविंद शर्मा ने सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्‌डा के साथ मंच साझा किया था। यही नहीं उन्होंने हुड्डा की पसंदीदा गुलाबी पगड़ी भी पहनी। रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा ने कहा था कि डॉक्टर साहब सब वापस आ रहे हैं आप भी घर लौट जाओ। पूर्व सांसद के इस रुख से अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह जल्द कांग्रेस में लौट सकते हैं।
इसके बाद करनाल में 21 मई 2017 को अरविंद शर्मा ने भाजपा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के साथ मंच साझा किया। यही नहीं उनकी गाड़ी में भी एक साथ दिखे थे। इसके बाद लगातार चर्चा थी कि वह जल्द भाजपा जॉइन कर सकते हैं, लेकिन इस खिचड़ी को पकने में डेढ़ साल लग गया।
राजनीतिक सफर में कई बार आए उतार-चढ़ाव
दीपेंद्र से बढ़ी नजदीकी तो किया था हुड्‌डा का गुणगान
वर्ष 2017 में रोहतक में हुए समारेाह में शर्मा ने सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा के साथ मंच साझा किया। वहां गुलाबी पगड़ी पहनकर हुड्‌डा का गुणगान भी किया था। इसके बाद उसकी कांग्रेस में जाने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया था।
कर्ण नगरी फिर बनेगी कर्म भूमि, बड़ा सम्मेलन जल्द, लेकिन मेनका-जेटली के भी चल रहे नाम
पूर्व सांसद अरविंद शर्मा के भाजपा जॉइन करने के बाद उनका करनाल से ही चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार अरविंद्र शर्मा करनाल में जल्द बड़ा सम्मेलन करेंगे, जिसमें उनसे जुड़े कार्यकर्ताओं को भी भाजपा में शामिल किया जाएगा। इसमें सीएम मनोहर लाल के अलावा भाजपा प्रभारी, प्रदेशाध्यक्ष समेत अन्य विधायकों को भी न्योता दिया जाएगा। इधर, करनाल से मेनका गांधी और अरुण जेटली के भी नाम चल रहे थे। शर्मा के आने के बाद समीकरण बदल सकते हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि संसदीय समिति जो फैसला करेगी, वही मान्य होगा। 10 बरस तक करनाल की राजनीति में सक्रिय रहे डॉ. अरविंद शर्मा अब फिर करनाल से ही दूसरी पारी की शुरुआत करेंगे।
कांग्रेस में था बड़ा कद
पूर्व सांसद का कांग्रेस में बड़ा कद था, लेकिन वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी से मोहभंग हो गया और इसके बाद इस्तीफा दे दिया था।
बसपा में आते ही 2 सीटों से लड़ा विधानसभा चुनाव
वर्ष 2014 में ही बसपा में सीएम चेहरा घोषित होने के बाद वह जुलाना और यमुनानगर से चुनाव लड़े, लेकिन दोनों जगह से बुरी तरह हार गए थे। इसके बाद वर्ष 2016 में बसपा से भी इस्तीफा दे दिया।
करनाल में भाजपा के मंच पर पहुंचे तो रामबिलास बोले थे- और आ रहे हैं, अरविंद शर्मा भी आ जाएंगे
परशुराम जयंती पर सीएम काे बताया था ईमानदार
मई 2017 में करनाल में परशुराम जयंती समारोह में पूर्व सांसद ने शिक्षा मंत्री के साथ मंच साझा करते हुए सीएम मनोहर लाल को ईमानदार बताया था। इसके बाद शिक्षा मंत्री ने कहा था- और भी आ रहे हैं शर्मा भी आ जाएंगे।
जींद उपचुनाव में लगी थी ड्यूटी, हाईकमान ने लिया था फीडबैक
सूत्रों का कहना है कि जींद विधानसभा उपचुनाव में भी उनकी ड्यूटी लगी थी। वे 5-6 बार जींद में गए थे। पार्टी ने जींद में भी सक्रिय भूमिका निभाने को लेकर सभी तरह की जानकारी जुटाई गई। ऐसे में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने शर्मा को भाजपा में शामिल करने का फैसला किया। पिछले करीब एक साल से वे दिल्ली में पार्टी के आला नेताओं के संपर्क में थे और कई बार हरियाणा भाजपा के नेताओं से भी मुलाकात कर चुके हैं। डॉ. अरविंद शर्मा ने अपने राजनीतिक सफर में कई उतार-चढ़ाव देखे

 
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