Tuesday, March 19, 2019
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सरकार ने खुद दस्तावेज लीक किए, चोरी नहीं हुए

March 15, 2019 06:44 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR MARCH 15

चोरी के दस्तावेज में रफाल की कीमत, जो सुरक्षा को खतरा है
रफाल विवाद: पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई होगी या नहीं? सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुरक्षित
-अटाॅर्नी जनरल केके वेणुगोपाल
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया- जो पब्लिक डोमेन में, वो सीक्रेट कैसे
भास्कर न्यूज | नई दिल्ली
रफाल मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर फैसला गुरुवार को सुरक्षित रख लिया गया। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच ने कहा- 'जल्द ही सुनवाई पर फैसला होगा' इससे पहले सरकार ने कहा कि चोरी के दस्तावेज में रफाल की कीमतें दर्ज हैं। इनके सामने आने से देश की सुरक्षा को खतरा होगा। इसलिए सुनवाई न की जाए। दूसरी ओर याचिकाकर्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि दस्तावेज सरकार ने खुद ही लीक कराए हैं। चोरी नहीं किए गए।
  सरकार बोली- सीएजी रिपोर्ट दायर करने में चूक हुई, तीन पेज गायब थे
वेणुगोपाल: सीएजी रिपोर्ट दायर करने में चूक हुई। रिपोर्ट में 3 पेज गायब थे। इन्हें रिकॉर्ड पर लिया जाए।
चीफ जस्टिस: आपने(सरकार) दस्तावेजों पर विशेषाधिकार का दावा किस अाधार पर किया है?
जस्टिस कौल: जिन दस्तावेज पर विशेषाधिकार का दावा है, वे तो कोर्ट में पेश किए जा चुके हैं।
वेणुगोपाल: दस्तावेज चोरी करके पेश किए गए।
जस्टिस जोसेफ: आरटीआई कानून पास होने से सूचना जगत में संपूर्ण क्रांति आई। हमें फिर से उस स्थिति में नहीं लौटना चाहिए। सूचनाएं सार्वजनिक करने में दिक्कत क्या है?
अटार्नी जनरल: चोरी के दस्तावेज में रफाल की कीमत दर्ज है। इन्हें सार्वजनिक करना दो देशों के बीच हुए सौदे की शर्तों का उल्लंघन है।
एमएल शर्मा: दस्तावेज गोपनीय है तो सरकार ने अभी तक केस क्यों नहीं दर्ज कराया?
अटार्नी जनरल: अभी आंतरिक जांच चल रही है।
जस्टिस जोसेफ: क्या अदालत सरकार के विशेषाधिकार के दावों को तय करने के लिए दस्तावेज की भी जांच नहीं सकती?
अटार्नी जनरल: फ्रांस सरकार ने रफाल की कीमत उजागर नहीं करने की शर्त रखी थी।
जस्टिस जोसेफ: क्या यह हलफनामे में कहा है?
अटार्नी जनरल: नहीं, लेकिन हम विशेषाधिकार का दावा करते हैं।
चीफ जस्टिस: याचिकर्ता बताएं कि क्या वह सरकार के हलफनामे से सहमत हैं?
प्रशांत भूषण: नहीं। दस्तावेज पहले से पब्लिक डोमेन में हैं, फिर सीक्रेट कैसे हो सकते हैं। यह सब दोषियों को बचाने के लिए किया जा रहा है।
अरुण शौरी: मैं अटार्नी जनरल का धन्यवाद देना चाहता हू कि उन्होंने हमारे द्वारा दायर दस्तावेज के असली होने का प्रमाण दे दिया। उन्होंने कोर्ट के समक्ष कहा है ये दस्तावेज रक्षा मंत्रालय के दस्तावेजों की फोटोकॉपी हैंं। इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
सुप्रीम कोर्ट में दोपहर 3 बजे सुनवाई शुरू हुई। सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल पेश हुए। दूसरी ओर, याचिकाकर्ता प्रशांत भूषण, अरुण शौरी और एमएल शर्मा ने दलीलें रखीं। पढ़िए पूरी बहस...
सरकार ने खुद दस्तावेज लीक किए, चोरी नहीं हुए
-प्रशांत भूषण, याचिकाकर्ता

 
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