Tuesday, March 19, 2019
Follow us on
Haryana

HARYANAअपने बच्चों को खेलों में 60 लाख दिलाकर फंसे पूर्व खेल निदेशक !

March 15, 2019 06:27 AM

COURTESY NBT MARCH 15

अपने बच्चों को खेलों में 60 लाख दिलाकर फंसे पूर्व खेल निदेशक !


• आईएएस जगदीप सिंह के खिलाफ अशोक खेमका की जांच रिपोर्ट पर सरकार ने लगाई मुहर• भीम अवॉर्ड और कैश अवॉर्ड ब्याज

के साथ वापस लेने की सिफारिश • खेल मंत्री अनिल विज ने जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजी, तीनों को जवाब देने के निर्देश दिए•विशेष, संवाददाता, चंडीगढ़

 

अपनी कार्यशैली को लेकर अक्सर विवादों में रहे हरियाणा के आईएएस अधिकारी एवं पूर्व खेल निदेशक जगदीप सिंह एक बार फिर बड़े विवाद में घिर गए हैं। इस बार मामला पद के दुरूपयोग का है। आरोप है कि खेल निदेशक पद पर रहते हुए उन्होंने अपने बच्चों को कई पुरस्कार दिलाए। खेल विभाग से हाल ही में हटाए गए प्रधान सचिव अशोक खेमका की एक जांच रिपोर्ट में उनके बेटे विश्वजीत सिंह और बेटी गौरी को 60 लाख रुपये की पुरस्कार राशि के फर्जी दावे पेश करने और पिता जगदीप सिंह के प्रभाव के चलते अत्याधिक पुरस्कार राशि हासिल करने का आरोपित ठहराया गया है। खेल मंत्री अनिल विज ने इस जांच रिपोर्ट को मंजूरी देते हुए मुख्यमंत्री को भेजा है। मुख्यमंत्री ने तीनों को जवाब देने के निर्देश दिए है। दो हफ्ते में उन्होंने जवाब नहीं दिया, तो उनपर एफआईआर होगी।

जगदीप सिंह पहले एचसीएस अधिकारी थे। प्रमोट होकर आईएएस बने जगदीप सिंह फिलहाल वित्त विभाग में कार्यरत हैं। खेल निदेशक के पद से हटने के बाद जगदीप सिंह उनके अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज बेटे विश्वजीत सिंह और बेटी गौरी श्योराण की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खेल विभाग से हाल ही में हटाए गए प्रधान सचिव अशोक खेमका ने जांच रिपोर्ट में तत्कालीन खेल निदेशक, उनके बेटे और बेटी तीनों को धोखाधड़ी करने का आरोपित ठहराते हुए उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज करने की सिफारिश की है। गौरी और विश्वजीत को पिछले दिनों भीम अवॉर्ड भी प्रदान किया जा चुका है। खेमका ने अपनी रिपोर्ट में सरकार को सुझाव दिया है कि दोनों से खिलाड़ियों के सर्वोच्च भीम पुरस्कार, प्रमाण पत्र, भीम प्रतिमा, ब्लेजर, टाई और स्कार्फ भी वापस लिया जा सकता है। अशोक खेमका ने सरकार से मांग की कि गलत ढंग से हासिल की गई राशि को 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से वापस लेकर सरकारी खजाने में जमा कराया जाए।

 

कहां है पुरस्कारों में गड़बड़ी

अशोक खेमका की जांच रिपोर्ट के मुताबिक गौरी श्योराण को 43 लाख रुपये की अतिरिक्त पुरस्कार राशि और 2013-16 के दौरान विश्वजीत सिंह को 17 लाख रुपये का भुगतान किया गया। तब जगदीप सिंह खेल निदेशक थे। रिपोर्ट में गौरी और विश्वजीत को भीम पुरस्कार भी गलत ढंग से दिए जाने की बात कही गई है।

 
Have something to say? Post your comment
 
More Haryana News
रंगों का यह अनूठा भारतीय त्योहार एकता और भाईचारे के बंधन को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है:मनोज यादव अनिल विज का राहुल और प्रियंका पर हमला- हम चौकीदार, आप पप्पू लिख लें हरियाणा: CRPF की 80वीं वर्षगांठ में शामिल हुए NSA अजीत डोभाल 10% से अधिक शोध में किया कट-कॉपी-पेस्ट तो नहीं हो पाएगी पीएचडी BJP-रोहतक से धनखड़-अरविंद पर हुई चर्चा मंत्री विज ने खेमका की तारीफ कर दिए थे 10 में 9.92 अंक, सीएम ने किए 9, कहा था- बढ़ाकर किया वर्णन,-हाईकोर्ट ने दिए टिप्पणी हटाने के निर्देश, कहा- सत्यनिष्ठा से काम करने वालों को प्रोटेक्ट करना चाहिए BJP shortlists probables for all Haryana seats Boost for Hooda, will head party’s co-ordination panel Remove adverse remarks from Khemka’s appraisal report: HC
प्रदेश में युवाओं के बराबर देंगे महिलाओं को रोजगार- नैना चौटाला