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Haryana

HARYANA-बड़े चेहरों पर दांव खेल सकती है पार्टी, दूसरे दलों के नाराज नेताओं पर नजर, आज भी नेता थाम सकते हैं भाजपा का दामन

March 13, 2019 07:15 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR MARCH 13

बड़े चेहरों पर दांव खेल सकती है पार्टी, दूसरे दलों के नाराज नेताओं पर नजर, आज भी नेता थाम सकते हैं भाजपा का दामन
लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की 2 बड़ी रणनीति : रोहतक में आज प्रदेशाध्यक्ष की मौजूदगी में होगा कार्यक्रम
मनोज कुमार | राजधानी हरियाणा
सत्ता में वापसी के लिए भाजपा ने एक-एक सीट पर पूरा दमखम लगा दिया है। कहीं रणनीति में कोई चूक न हो जाए, इसलिए हर दांव आजमाया जा रहा है। पिछले लोकसभा चुनाव हजकां के साथ गठबंधन में सात सीटें जीतने वाली भाजपा इस बार हरियाणा में अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ रही है। इसलिए हर सीट पर समीकरण बैठाए जा रहे हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बड़े चेहरों को उतारने की रणनीति के साथ पार्टी की उन विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर भी नजर हैं, जो किसी न किसी वजह से नाराज चल रहे हैं।
जींद उपचुनाव से पहले कृष्ण मिड्‌ढा और टेकराम कंडेला को पार्टी की सदस्यता देकर यहां जीत दर्ज की, उसी तर्ज पर अब दूसरे दलों के नेताओं को पार्टी शामिल करने पर अभियान की तरह काम कर रही है। कुछ दिन पहले ही इनेलो के दो पूर्व विधायकों को चंडीगढ़ में पार्टी में शामिल किया। वहीं, बुधवार को रोहतक में प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला की मौजूदगी में कुछ दूसरी पार्टियों के नेता भाजपा का दामन थामने वाले हैं। दूसरे दलों के नेताओं को शामिल करना भी पार्टी की लोकसभा चुनाव की ही रणनीति है।
भाजपा हिसार, सिरसा, कुरुक्षेत्र, रोहतक, करनाल, भिवानी महेंद्रगढ़, अम्बाला और सोनीपत में नए चेहरे उतार सकती है। हिसार-सिरसा पिछली बार हरियाणा जनहित कांग्रेस के साथ भाजपा का गठबंधन था और हिसार व सिरसा की सीटें हजकां को दी गई थीं, लेकिन दोनों सीटें हार गई थी। अब गठबंधन नहीं है। सभी 10 सीटें जीतने के लिए भाजपा हर गुना-भाग कर रही है। इसके तहत हरियाणा में मेनका गांधी, योगेश्वर दत्त, जनरल वीके सिंह, गायक हंसराज हंस जैसे बड़े चेहरों को चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। चर्चा जनरल दलबीर सुहाग, क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग आदि से संपर्क किए जाने की भी है। भाजपा चुनाव समिति के एक नेता ने बताया कि सभी 10 सीटों पर जीत के लिए हर रणनीति अपनाई जाएगी। इसमें बड़े चेहरों को उतारा जाना भी शामिल है। रोहतक, हिसार अौर सिरसा पर पार्टी का ज्यादा फोकस है, क्योंकि पिछली बार ये तीनों सीटें भाजपा हार गई थी।
रोहतक, हिसार, सिरसा और कुरुक्षेत्र सीट पर पार्टी कर रही विशेष फोकस
रोहतक से बड़ा चेहरा उतारने की तैयारी
भाजपा रोहतक में बड़ा चेहरा उतारनी चाहती है, क्योंकि यहां से कांग्रेस के दीपेंद्र सिंह हुड्‌डा तीसरी बार सांसद हैं और इस बार भी कांग्रेस से उनका चुनाव लड़ना लगभग तय है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेताओं ने रोहतक से चुनाव लड़ाने के लिए जनरल दलबीर सुहाग और पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग से भी संपर्क किया, लेकिन दोनों ने ही इससे मना कर दिया। भाजपा कयास लगा रही है कि दूसरे दल इस सीट से जाट प्रत्याशी उतारेंगे। इसलिए पार्टी यहां किसी नॉन जाट चेहरे पर भी दांव लगा सकती है। अलवर से पूर्व में सांसद रहे चांदनाथ के भांजे एवं यहां की पीठ के गद्दीनशीन महंत बालकनाथ से भी पार्टी नेताओं ने संपर्क किया है, लेकिन उन्होंने अलवर से ही टिकट की इच्छा जताई। वे अलवर में चांदनाथ के चुनाव इंचार्ज भी रह चुके हैं। यहां से भाजपा के पुराने नेता एवं प्रदेश प्रवक्ता वीर कुमार यादव भी दावेदारी कर रहे हैं।
सोनीपत से भाजपा सांसद के साथ कई दावेदार
सोनीपत संसदीय सीट वर्तमान में भाजपा के पास है। यहां से रमेश कोशिक सांसद हैं और एक बार फिर टिकट के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन ओलिंपियन योगेश्वरदत्त ने भी पार्टी से यहां के लिए टिकट की सिफारिश कर दी है। अम्बाला सीट पर भाजपा के सांसद रत्तन लाल कटारिया हैं। पार्टी के पुराने नेता हैं। यदि उन्हें टिकट नहीं मिलती है तो उनकी पत्नी बंतो कटारिया को टिकट दी जा सकती है। हालांकि सिरसा के साथ अम्बाला से गायक हंसराज हंस का नाम भी चल रहा है। अभी तक फरीदाबाद और गुड़गांव के वर्तमान सांसदों की ही टिकट तय मानी जा रही है। गुड़गांव से सांसद राव इंद्रजीत और फरीदाबाद से सांसद कृष्णपाल गुर्जर केंद्र में मंत्री हैं।
भिवानी से वीके सिंह की चर्चा
भिवानी से वर्तमान सांसद धर्मवीर ने पहले विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी, बाद में कहा कि पार्टी चाहे तो लोकसभा में भी लड़ सकते हैं। यहां से भी बड़ा चेहरा उतारा जा सकता है। यहां जनरल वीके सिंह को लाया जा सकता है। वे नॉनजाट हैं, साथ ही इसी लोकसभा क्षेत्र के रहने वाले हैं। ऐसे में उन पर दांव लगा सकती है।
कुरुक्षेत्र से नए चेहरे की तलाश
पिछले चुनाव में कुरुक्षेत्र से पार्टी के प्रत्याशी रहे सांसद राजकुमार सैनी अपनी लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी बना चुके हैं, इसलिए पार्टी को यहां भी नए चेहरे की तलाश है। पार्टी के एक सीनियर नेता का कहना है कि पार्टी यहां से केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी को चुनाव में उतारना चाहती है, लेकिन उनकी इच्छा करनाल से लड़ने की है। करनाल से वर्तमान अश्विनी चोपड़ा सांसद हैं, जो लंबे समय से बीमार है। इसलिए पार्टी यहां के लिए नए चेहरे की तलाश में है। करनाल से संजय भाटिया, वर्तमान सांसद अश्विनी चोपड़ा की पत्नी किरण चौपड़ा और स्वामी ज्ञानानंद भी टिकट की दावेदारी में हैं। सियासी हलकों में करनाल से अरुण जेटली के नाम का सिगुफा भी चल रहा है, जबकि कुरुक्षेत्र से वर्तमान राज्य मंत्री नायब सैनी भी रेस में हैं। इनेलो से आए कैलाश भगत की भी चर्चा है।
हिसार और सिरसा में उतारने हैं नए चेहरे
पिछले लोकसभा चुनाव में गठबंधन में गई हिसार और सिरसा की सीटों पर पार्टी को इस बार अपने उम्मीदवार उतारने हैं। इनेलो के गढ़ कहे जाने वाले सिरसा लोकसभा सीट पर हालांकि लंबे समय से सक्रिय सुनीता दुग्गल और पूर्व आईएएस वी कामराज हैं, लेकिन इन दोनों के अलावा गायक हंसराज हंस को भी यहां से पार्टी अपना उम्मीदवार बना सकती है, जबकि हिसार सीट पर भी भाजपा बड़ा चेहरा उतारने की तैयारी में है। इसी लोकसभा सीट के अधीन आने वाली नारनौंद विधानसभा क्षेत्र से विधायक एवं वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु पर भी पार्टी दांव खेल सकती है। हालांकि केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के आईएएस बेटे बृजेंद्र सिंह का नाम भी यहां से चर्चा में है। बृजेंद्र सिंह के लिए बीरेंद्र सिंह सोनीपत से टिकट मांग रहे हैं

 
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