Tuesday, March 26, 2019
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Haryana

एचएसवीपी में बायहैंड नहीं मिलेंगे प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट्स

March 13, 2019 07:13 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR MARCH 13एचएसवीपी में बायहैंड नहीं मिलेंगे प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट्स 

फैसला : फर्जी अलॉटी बनकर करोड़ों के प्लॉट के लिए ट्रांसफर परमिशन लेने के मामले के बाद अब सख्ती 

 अलॉटमेंट लेटर पर लिखे एड्रेस पर रजिस्ट्री से भेजे जाएंगे डॉक्यूमेंट्स 

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) में फर्जी अलॉटी बनकर करोड़ों के प्लॉट को ट्रांसफर करवाने के मामले में पुलिस नकली बंटे को पकड़ने के बाद बाकी आरोपियों को अभी तक पकड़ नहीं पाई है। 
वहीं, इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद एचएसवीपी के अफसरों ने फैसला लिया है कि अब इस्टेट अॉफिस से किसी भी प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट्स को बायहैंड नहीं दिया जाएगा। अगर किसी ने ऐसा किया तो बायहैंड डॉक्यूमेंट्स देने वाले अफसर या कर्मचारी को तुरंत संस्पेंड कर दिया जाएगा। अब डॉक्यूमेंट्स को अलॉटमेंट लेटर पर लिखे एड्रेस पर रजिस्ट्री के जरिये भेजा जाएगा। 
सर्विलांस पर लगाए नंबरों की डिटेल आई एमडीसी की 
सूत्रों के अनुसार बंटे से पूछताछ में पता चला है कि इस्टेट ऑफिस में सीसीटीवी लगे होने की वजह से फाइलों और डॉक्यूमेंट्स में गड़बड़ी करने की सारी डीलिंग ऑफिस के बाहर होती है। इस्टेट ऑफिस की दीवार के बाहर बाबुओं को अपना काम नोट करवाया जा रहा है। इसके बाद वॉट्सएप पर डीलिंग सारा खेल होता है। पुलिस के सामने कुछ मोबाइल नंबर आए हैं, जिनकी डिटेल निकलवाई जा रही है। इन नंबरों को सर्विलांस पर लगाया गया है। पुलिस ने जिन मोबाइल नंबरों की डिटेल निकलवाई है, उसमें से कई लोगों की लोकेशन एमडीसी में मिली है। ये तब की लोकेशन है, जिस डेट को प्लॉट के डॉक्यूमेंट्स की डिटेल निकलवाने के लिए सेटिंग की गई थी। ये सारी सेटिंग एचएसवीपी के बाबुओं से लेकर तहसील और बैंक अधिकारी से थी। सभी यहां एमडीसी में महिंद्र के ढाबे पर आए थे। 
आसानी से निकलवा लेते थे डॉक्यूूमेंट्स 
अभी तक हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के ऑफिस में जाकर कोई भी डॉक्यूमेंट्स को आसानी से निकलवा लेता था। इन डॉक्यूूमेंट्स को बायहेंड दिया जाता है। अब इस्टेट ऑफिस की तरफ से हेड ऑफिस को प्रपोजल भेजा गया है कि किसी भी डॉक्यूमेंट्स को बायहैंड नहीं दिया जाएगा। 
: जांच में तहसील ऑफिस के बाबुओं का नाम भी आया 
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे मामले में एचएसवीपी के कई बाबुओं के साथ-साथ पंचकूला तहसील ऑफिस के बाबू भी शामिल हैं। तभी तो एचएसवीपी से सिर्फ तीन डॉक्यूमेंट्स को लिया गया था। इसमें प्लान, पजेशन सर्टिफिकेट, ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट की फोटो कॉपी को लिया गया है। बैंक अधिकारी ने भी फ्रीज खाते को चलवाने में अहम भूमिका निभाई है। पुलिस ने बंटे के पास से उसके फर्जी आधार कार्ड की फोटो कॉपी को बरामद किया है।

 
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