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Haryana

महिलाओं के खिलाफ अपराध

February 21, 2019 04:48 PM

हर उम्र की लड़कियां और महिलाएं रेप का शिकार हैं।

एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार साल 2016 में हरियाणा में रेप के कुल 1189 मामले दर्ज किए गए. जिनमें एक साल से लेकर 18 साल की लड़कियों के साथ 518 और 18 साल से 60 साल की महिलाओं के साथ 668 मामले दर्ज किए गए. इनमें गौर करने वाली बात ये है कि दर्ज किए गए कुल 1189 मामलों में से लगभग आधे यानि कि 518 मामले, 18 साल से कम उम्र की लड़कियों के साथ हुए. 100 से ज्यादा मामले तो ऐसे हैं जिनमें लड़कियों की उम्र 12 साल से कम है।

खट्टर सरकार के दौर में रेप की घटनाएं बढ़ी हैं: हरियाणा सरकार

दूसरी ओर, खट्टर सरकार सत्ता में आने के बाद महिला सुरक्षा में किस कदर नाकाम रही है इसकी नजीर भी खुद उनकी सरकार की एक रिपोर्ट से मिलती है. क्राइम अगेंस्ट वूमन की एक रिपोर्ट के अनुसार, मनोहर लाल खट्टर ने जिस वक्त सत्ता संभाली उस समय प्रदेश में रेप की 961 घटनाएं, यौन शोषण की 1,833 घटनाएं और अपहरण की 1,164 घटनाएं दर्ज की गई थी. लेकिन 11 सितंबर, 2018 तक इनमें अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई. सितंबर 2017 से 11 सितंबर 2018 तक हरियाणा में रेप की 1,413 घटनाएं, यौन शोषण की 2,320 और अपहरण की 3,494 घटनाएं दर्ज की गई।

  

हरियाणा राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े

 अगस्त 2018 तक महिला अपराध की बात करे तो हर दिन औसतन 41 महिलाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म या उत्पीड़न की वारदातें हुईं। सितंबर 2017 से लेकर अगस्त 2018 तक 1413 महिलाओं की अस्मत लूटी गई। बीते चार वर्षों में 4593 महिलाओं की इज्जत से खिलवाड़ के केस दर्ज हुए हैं। सितंबर 2014 से अगस्त 2015 के बीच दुष्कर्म के 961 मामले सामने आए। अगले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 1026 और फिर उससे अगले 1193 तक जा पहुंचा।

 

 

हरियाणा में पिछले साल दर्ज (अगस्त 2018 तक) आपराधिक मामले

अपराध             केस दर्ज

हत्या               665

हत्या का प्रयास      571

दुष्कर्म              949

सामूहिक दुष्कर्म      95

बाल अपराध          2461

अपहरण             2673

डकैती और लूटपाट     706

चोरियां              15062

दलितों पर अत्याचार   403

महिला अपराध    10,158

 

 

कुपोषण

 

साल 2017 में 71 फीसदी बच्चे कुपोषण का शिकार

14 दिसंबर 2017 को सीएम ने खुद कहा था कि हरियाणा में संसाधनों की कमी न होते हुए भी करीब 71 फीसदी बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। यह चिंताजनक पहलू हरियाणा जैसे प्रगतिशील राज्य में सामने आया है। एक ओर इस स्थिति से निकलना राज्य सरकार के लिए चुनौती बन गया है, वहीं मुख्यमंत्री मनोहरलाल का दावा है कि अगले तीन साल में हरियाणा ‘कुपोषण मुक्त’ राज्य बन जाएगा। इसके लिए प्रदेश स्तर पर अलग प्रकोष्ठ गठित किया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने यह ऐलान कुपोषण मुक्त हरियाणा व प्रबंधन विषय पर नैशनल हेल्थ मिशन हरियाणा और नीति आयोग के सहयोग से आयोजित नेशनल वर्कशॉप के दौरान किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने खुलासा किया कि राज्य में संसाधन की कोई कमी न होते हुए भी करीब 71 फीसदी बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। उन्होंने कहा, 'प्रदेश को अनिमिया मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान को सफल बनाने के लिए मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर को ब्रांड ऐंबैसड बनाया गया है और राज्य को इसमें भी सफलता मिलने की उम्मीद है।

 

 कुपोषण और भूख से जूझता भारत का भविष्य

2017 ग्लोबल हंगर रिपोर्ट में 119 मुल्कों की सूची में भारत 100वें स्थान पर मौजूद रहा. इससे भारत के बाल पोषण संकेतकों की खराब स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है...भारत दुनिया में सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक मुल्क, दूसरा सबसे बड़ा सब्जी, फल देश है. बावजूद इसके दुनिया की एक बड़ी भूखी आबादी भारत में बसती है.बॉडी मास इंडेक्स (BMI) के मुताबिक मुल्क की एक तिहाई व्यस्क आबादी सामान्य से नीचे है. क्योंकि उनके पास जरूरत के मुताबिक भोजन नहीं है।

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के मुताबिक देश में 21% बच्चे गंभीर रूप से कमजोर हैं. जबकि 38% का कद सामान्य से कम है. इसके पीछे का कारण भी कुपोषण और भोजन की कमी है.ऐसे हालातों के पीछे एक बड़ा कारण भारतीय महिलाओं का कमजोर होना भी है. आंकड़े से समझें तो देश की 51% महिलाएं खून की कमी से जूझ रही हैं. बच्चों की नींव ही कमजोर पड़ती है.

 राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-4) का सर्वे

नवंबर 2018 में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-4) के सर्वे अनुसार भारत में हर तीसरा बच्चा कुपोषित है। देश में 35.7 प्रतिशत बच्चे कम-वजनी हैं, 38.4 प्रतिशत अविकसित हैं और हर दूसरा बच्चा खून की कमी से ग्रस्त है। 15 से 49 वर्ष की आयु की 53 प्रतिशत महिलाएं रक्त अल्पता से पीड़ित हैं। ये आंकड़े भारत में महिलाओं और बच्चों में कुपोषण की भयावह स्थिति को रेखांकित करते हैं।

 
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