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रफाल में निवेश के लिए पैसे हैं, हमारा पैसा लौटाने के लिए नहीं -विवाद : अंबानी के खिलाफ अवमानना याचिका पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

February 14, 2019 05:15 AM


COURTESY DAINIK BHASKR FEB 14

विवाद : अंबानी के खिलाफ अवमानना याचिका पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी पर एरिक्सन ने लगाया आरोप

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को एरिक्सन की अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी पर गंभीर आरोप लगे। एरिक्सन के वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के चेयरमैन अनिल अंबानी ने कोर्ट से यह जानकारी छिपाई कि कंपनी को परिसंपत्तियों की बिक्री से करीब 5,000 करोड़ रुपए मिले। उन्होंने कहा कि ये राजाओं की तरह रहते हैं। ये सोचते हैं कि ये मानवता के लिए भगवान द्वारा दिए गए उपहार स्वरूप हैं। इनके पास रफाल में निवेश के लिए पैसा है, लेकिन हमारा बकाया चुकाने के लिए पैसा नहीं है। ये कोर्ट के आदेशों का मान नहीं रखना चाहते।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस रोहिंगटन फली नरीमन और जस्टिस विनीत सरन की पीठ ने कहा कि वह इस केस से जुड़े सभी तथ्यों पर गौर करने के बाद जल्द ही अपना फैसला सुनाएगी। स्वीडिश कंपनी एरिक्सन ने 550 करोड़ रुपए की बकाया राशि कोर्ट के आदेश के बावजूद न देने पर अवमानना याचिका दायर की है। दवे ने कहा कि अंबानी को पैसा तो देना ही चाहिए, इन्हें अवमानना की सजा भी मिलनी चाहिए। अनिल मंगलवार को भी कोर्ट में पेश हुए थे। कोर्ट ने उन्हें बुधवार को पेशी में छूट देने से इनकार कर दिया था।
अनिल अंबानी की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि न तो अवमानना हुई और ना ही अदालत के आदेश को नकारने का प्रयास किया गया है। आरकॉम के लाखों शेयरहोल्डर हैं। इस कंपनी की जिम्मेदारी किसी एक की नहीं है। किसी एक डायरेक्टर को इस कंपनी के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। जो अंडरटेकिंग दी गई थी वह शर्तों पर आधारित थी। कोई नहीं चाहेगा कि उसकी कंपनी संकट में आए और दिवालिया हो जाए। वह इस स्थिति से निकलने की कोशिश में लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट में जो 118 करोड़ जमा कराए गए, वो अनिल अंबानी का आयकर रिटर्न का पैसा था।
जस्टिस रोहिंगटन ने अनिल अंबानी से दोपहर 2 बजे तक हलफनामा दायर करने को कहा, जिसमें कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न की विस्तृत जानकारी हो। दोपहर 2 बजे सुनवाई दोबारा शुरू हुई तो अंबानी ने हलफनामा दायर किया। सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
जियो ने एसेट खरीदने की डील रद्द की, बदले में 780 करोड़ रु. आरकॉम को दिए
रफाल में निवेश के लिए पैसे हैं,
हमारा पैसा लौटाने के लिए नहीं
एरिक्सन ने कहा- अनिल ने 5,000 करोड़ रु. मिलने की बात छिपाई
सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट जाते हुए अनिल अंबानी।
कोर्ट ने 15 दिसंबर तक 550 करोड़ रु. लौटाने को कहा था
सुप्रीम कोर्ट ने 23 अक्टूबर को आरकॉम को कहा था कि वह एरिक्सन कंपनी को 15 दिसंबर तक 550 करोड़ रुपए की बकाया राशि का भुगतान करे। अगर रकम चुकाने में देरी होती है तो सालाना 12% ब्याज भी देना होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पूरा करने में नाकाम रहने पर एरिक्सन कंपनी ने अवमानना याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने उक्त याचिका पर अनिल अंबानी को नोटिस जारी कर उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा था।
एरिक्सन का आरोप
अनिल अंबानी ने एसेट बिक्री से 5,000 करोड़ रुपए मिलने की बात छिपाई। ये अवमानना का साधारण केस नहीं है। ये असाधारण व्यक्ति हैं, जिन्हें देश के बेहतरीन सलाहकार और अच्छे वकील अपनी सलाह दे रहे हैं। इन्होंने कोर्ट के आदेशों की जानबूझ कर अवमानना की है। इन पर कार्रवाई की जाए।
अंबानी का जवाब
जियो से 5,000 करोड़ लेने की बात सही नहीं है। आरकॉम और जियो के बीच स्पेक्ट्रम, टावर इत्यादि बेचने को लेकर अनुबंध था। जियो ने उस अनुबंध से खुद को अलग कर लिया है। डील रद्द होने के एवज में उनसे 780 करोड़ रुपए मिले। यह रकम भी कर्ज देने वाले बैंकों ने लिए। आरकॉम को कुछ भी नहीं मिला

 
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