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CBI डायरेक्टर की रेस में NIA चीफ आगे, गुजरात से है कनेक्शन

January 17, 2019 06:29 AM

COURTESY NBT JAN 17

नई दिल्ली : सीबीआई के नए निदेशक की नियुक्ति के लिए उच्चाधिकार प्राप्त चयन समिति की बैठक 24 जनवरी को होने की संभावना है। सूत्रों ने कहा कि सरकार ने पहले 21 जनवरी की बैठक प्रस्तावित की थी जबकि मल्लिकार्जुन खड़गे चाहते थे कि बैठक 24 या 25 जनवरी को हो। विचार-विमर्श के बाद बैठक की तारीख 24 जनवरी तय हुई। एम. नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेश बनाया गया है। खड़गे ने सीबीआई के नियमित निदेशक की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जल्द से जल्द बैठक बुलाने की मांग की थी।
Deepal Trivedi

@timesgroup.com
•नई दिल्ली : पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह सीबीआई के नए डायरेक्टर की नियुक्ति के लिए कई नामों पर विचार कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सीबीआई डायरेक्टर की दौड़ में 1984 बैच के चार आईपीएस अधिकारियों के नाम आगे चल रहे हैं। ये अधिकारी हैं- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के चीफ वाईसी मोदी, बीएसएफ चीफ रजनी कांत मिश्रा, रॉ के स्पेशल सेक्रेटरी विवेक जौहरी और सीआईएसएफ चीफ राजीव रंजन। नाम ना छापने की शर्त पर सरकार के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि चारों अफसर पहले सीबीआई में काम कर चुके हैं, जिससे इनका पक्ष मजबूत है। आलोक वर्मा को हटाने और बाद में उनके इस्तीफे के बाद से सरकार जल्द ही नए सीबीआई डायरेक्टर को लाना चाहती है।

सीबीआई डायरेक्टर की रेस में कुछ और नाम भी चल रहे हैं। इनमें यूपी पुलिस के चीफ ओ. पी. सिंह और मुंबई पुलिस कमिश्नर सुबोध जायसवाल का नाम भी चल रहा है। लेकिन इन दोनों ने इससे पहले सीबीआई में काम नहीं किया है। ओ. पी. सिंह 1983 और जायसवाल 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।

एनआईए के चीफ वाई. सी. मोदी को उनके गुजरात कनेक्शन और सीबीआई में उनके कार्यकाल की बदौलत इसका लाभ मिल सकता है। वाई. सी. मोदी, तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की 2002 के दंगों में भूमिका की जांच के लिए गठित एसआईटी टीम के सदस्य रह चुके हैं। वे नरोदा-पाटिया और गुलबर्ग सोसायटी नरसंहार मामले की जांच के लिए बनी एसआईटी टीम का भी हिस्सा थे। वह आडवाणी के भी विश्वासपात्र थे।

 
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