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CHANDIGARH- जेबीटी भर्ती: 418 पोस्ट, 16000 कैंडिडेट, हर पोस्ट पर 38 से ज्यादा 23 से 26 जनवरी तक मिल जाएंगे एडमिट कार्ड, 27 को होगा एग्जाम

January 14, 2019 06:07 AM

COURTESY DAINK BHASKAR JAN 14

जेबीटी भर्ती: 418 पोस्ट, 16000 कैंडिडेट, हर पोस्ट पर 38 से ज्यादा
23 से 26 जनवरी तक मिल जाएंगे एडमिट कार्ड, 27 को होगा एग्जाम
शहर के गवर्नमेंट स्कूलों में टीचर्स की भर्ती का एग्जाम अब नजदीक आ गया है। यूटी एजुकेशन डिपार्टमेंट में जूनियर बेसिक टीचर (जेबीटी) कैडर की 418 पाेस्ट भरी जानी हैं। इन पोस्टों पर 16 हजार से ज्यादा कैंडिडेट्स ने अप्लाई किया है। ऐसे में टीचर की हर एक पोस्ट पर 39 से ज्यादा कैंडिडेट्स इस पोस्ट को लेने का दावा कर रहे हैं। 27 जनवरी को इन टीचर्स का एग्जाम होगा। एग्जाम में किसी तरह की कोई लापरवाही न हो इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने 20 अफसरों की ड्यूटी लगाई है। इनमें शहर के सभी आईएएस लेवल के एसडीएम और पीसीएस व एचसीएस अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है।
29 जनवरी को आएगी आंसर-की: जिन कैंडिडेट्स ने एग्जाम देना है उनके एडमिट कार्ड 23 से 26 जनवरी तक मिल जाएंगे। यह एडमिट कार्ड ऑनलाइन कैंडिडेट को जारी होंगे और वह अपना पासवर्ड डालकर इसे डाउनलोड कर सकते हैं। 27 जनवरी को सुबह 10.30 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक एग्जाम होगा। 29 जनवरी को आंसर-की अपलोड होगी। इससे कैंडिडेट्स को यह पता लग जाएगा कि जाे सवाल एग्जाम में आए थे उनके सही जवाब क्या हैं और उनके कितने जवाब सही रहे। अगर कैंडिडेट्स को आंसर-की आने के बाद किसी तरह की कोई समस्या है और वह उससे सहमत नहीं है तो वह अपना ऑब्जेक्शन 4 दिन में जमा करवा सकता है। 1 फरवरी तक यूटी एजुकेशन डिपार्टमेंट को जो ऑब्जेक्शंस मिलेंगे उन्हें एक कमेटी रिव्यू करेगी। रिव्यू के बाद यह तय होगा कि जो ऑब्जेक्शंस आएं है उनमें से कितने सही हैं और कितने गलत। इसके बाद एग्जाम में आए मार्क्स के आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार होगी। इस लिस्ट के आधार पर ही भर्ती होगी और किसी तरह का कोई इंटरव्यू नहीं रखा गया है।
पंजाबी भाषा काे लेकर भी है विवाद… इस भर्ती के प्रोसेस में पंजाबी भाषा को लेकर भी विवाद है क्योंकि इसमें पंजाबी भाषा को नजरअंदाज किया गया है। इस भर्ती के एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया में यह क्लॉज लिखा ही नहीं गया है कि टीचर को 10वीं लेवल तक पंजाबी पढ़ी होनी चाहिए जबकि जो कैंडिडेट भर्ती में सिलेक्ट होने के बाद टीचर बनेंगे उन्हें स्टूडेंट्स को पंजाबी पढ़ानी ही होगी। इस मामले को लेकर शिरोमणि अकाली दल भी एतराज जाहिर कर चुकी है। पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल, अकाली दल के सीनियर उपाध्यक्ष डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने यूटी प्रशासक व पंजाब गवर्नर वीपी सिंह बदनोर से भी मुलाकात की थी लेकिन कुछ न हुआ।
सिटी रिपोर्टर|चंडीगढ़
शहर के गवर्नमेंट स्कूलों में टीचर्स की भर्ती का एग्जाम अब नजदीक आ गया है। यूटी एजुकेशन डिपार्टमेंट में जूनियर बेसिक टीचर (जेबीटी) कैडर की 418 पाेस्ट भरी जानी हैं। इन पोस्टों पर 16 हजार से ज्यादा कैंडिडेट्स ने अप्लाई किया है। ऐसे में टीचर की हर एक पोस्ट पर 39 से ज्यादा कैंडिडेट्स इस पोस्ट को लेने का दावा कर रहे हैं। 27 जनवरी को इन टीचर्स का एग्जाम होगा। एग्जाम में किसी तरह की कोई लापरवाही न हो इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने 20 अफसरों की ड्यूटी लगाई है। इनमें शहर के सभी आईएएस लेवल के एसडीएम और पीसीएस व एचसीएस अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है।
29 जनवरी को आएगी आंसर-की: जिन कैंडिडेट्स ने एग्जाम देना है उनके एडमिट कार्ड 23 से 26 जनवरी तक मिल जाएंगे। यह एडमिट कार्ड ऑनलाइन कैंडिडेट को जारी होंगे और वह अपना पासवर्ड डालकर इसे डाउनलोड कर सकते हैं। 27 जनवरी को सुबह 10.30 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक एग्जाम होगा। 29 जनवरी को आंसर-की अपलोड होगी। इससे कैंडिडेट्स को यह पता लग जाएगा कि जाे सवाल एग्जाम में आए थे उनके सही जवाब क्या हैं और उनके कितने जवाब सही रहे। अगर कैंडिडेट्स को आंसर-की आने के बाद किसी तरह की कोई समस्या है और वह उससे सहमत नहीं है तो वह अपना ऑब्जेक्शन 4 दिन में जमा करवा सकता है। 1 फरवरी तक यूटी एजुकेशन डिपार्टमेंट को जो ऑब्जेक्शंस मिलेंगे उन्हें एक कमेटी रिव्यू करेगी। रिव्यू के बाद यह तय होगा कि जो ऑब्जेक्शंस आएं है उनमें से कितने सही हैं और कितने गलत। इसके बाद एग्जाम में आए मार्क्स के आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार होगी। इस लिस्ट के आधार पर ही भर्ती होगी और किसी तरह का कोई इंटरव्यू नहीं रखा गया है।
पहली से 5वीं तक पढ़ाएंगे टीचर्स
जेबीटी टीचर्स पहली से 5वीं तक के स्टूडेंट्स को पढ़ाएंगे। अब दिक्कत यह है कि चंडीगढ़ के हर गवर्नमेंट स्कूल में तीन भाषाओं इंग्लिश, हिंदी और पंजाबी में में स्टूडेंट्स पढ़ाई कर सकते हैं। स्टूडेंट चाहें तो पहली ही क्लास में अपने सभी सब्जेक्ट्स को इन तीन में से किसी एक भाषा में पढ़ सकते हैं। ऐसे में जिन टीचर्स ने पंजाबी पढ़ी ही नहीं वह स्टूडेंट के पेरेंट को यही दबाव बनाएंगे कि वह इंग्लिश या हिंदी मीडियम को चुने और पंजाबी को नहीं। वहीं, दूसरी ओर चौथी क्लास और पांचवीं क्लास में स्टूडेंट को सब्जेक्ट में हिंदी के अलावा बतौर सेकेंड लैंग्वेज लेना जरूरी होता है। ऐसे में स्टूडेंट के पास बतौर सेकेंड लैंग्वेज पंजाबी या फिर संस्कृत की ऑप्शन ही बचती है। अब जो स्टूडेंट पंजाबी लेंगे तो उन्हें वह जेबीटी टीचर कैसे पढ़ाएंगे जिन्होंने पंजाबी खुद स्कूल में पढ़ी ही नहीं

 
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