Thursday, January 17, 2019
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Haryana

हंसी ठिठोली में कांटे गिना गए हुड्डा और रामबिलास पंडित जी, मैं तेरा कांटा तब निकला मानूंगा, जब तू खट्टर की छुट्टी करा देगा।

January 12, 2019 05:25 AM

COURTESY NBT JAN 12

हंसी ठिठोली में कांटे गिना गए हुड्डा और रामबिलास


पंडित जी, मैं तेरा कांटा तब निकला मानूंगा, जब तू खट्टर की छुट्टी करा देगा।
हुड्डा साहब, आपका कांटा निकल गया।
इतना सुनते ही हुड्डा, जो उस समय मोबाइल पर किसी से बात कर रहे थे, उन्होंने कॉल को डिसकनेक्ट किया और रामबिलास को भी उसी अंदाज में नहले पर दहला मारते हुए जवाब दिया। दरअसल दोनों ने ही एक दूसरे की दुखती रग पर मजाक-मजाक में ही हाथ रखा था।
जींद उपचुनाव में नामांकन पत्र दाखिल करने के समय कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और हरियाणा के शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा पहले हंसते हुए एक दूसरे को गले लगाया, लेकिन इसके साथ ही हरियाणा की राजनीति में कांटे का सवाल खड़ा हो गया’
हरियाणा की राजनीति में कौन किसका कांटा/•एसपी रावत,कुरुक्षेत्र

जींद उपचुनाव में नामांकन पत्र दाखिल करने के समय पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और हरियाणा के शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा दोनों ने कानों में फुसफुसाए बगैर जोरों से तंज कसते हुए कह दिया कि किस-किस का कौन कांटा है। इस संबंध में एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में गले मिलते ही जैसे ही रामबिलास शर्मा ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कहा, जींद उपचुनाव में नामांकन पत्र दाखिल करने के समय कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और हरियाणा के शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा पहले हंसते हुए एक दूसरे को गले लगाया, लेकिन जाते-जाते रामबिलास शर्मा ने धीरे से एक तीर छोड़ दिया। हुड्डा ने उसी अंदाज में उसका जवाब दिया। इस पर माहौल ठहाकों से गूंज उठा। दरअसल रामबिलास बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री पद के एक उम्मीदवार थे, लेकिन बाजी मनोहर लाल के हाथ लगी। हुड्डा का इशारा या तंज उसी ओर था, जिससे लोगों में यह जिज्ञासा है कि कांग्रेस और बीजेपी में कौन किसका कांटा निकाल रहा है या कौन किसके लिए कांटा बना हुआ है/

हरियाणा में कांग्रेस कई गुटों में बटी हुई है। मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर व रणदीप सिंह सुरजेवाला ही नहीं, सीएलपी लीडर किरण चौधरी भी अपने को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताती रही हैं। लेकिन पंडित रामबिलास शर्मा का इशारा इस बात की ओर रहा कि सुरजेवाला कई साल से जनसभाओं में उनके समर्थक व खुद अपने को हरियाणा का भावी मुख्यमंत्री बता रहे थे। माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान हुड्डा और तंवर की आपसी खींचतान में तीसरा रास्ता निकाल कर सुरजेवाला को कमान सौंप सकता है। हुड्डा खेमे में सुरजेवाला को खतरा माना जा रहा था। पिछले कुछ समय में सुरजेवाला ने अपनी अलग जनसभाएं की और खुद को भावी सीएम बताया। सुरजेवाला चूंकि पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं, इस नाते उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी व पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनियां गांधी से भी काफी नजदीकी हैं। हुड्डा राजनीति में मंजे हुए खिलाड़ी हैं। कांग्रेस में भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद कुमारी शैलजा, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर, पूर्व सीएम स्व. भजन लाल के बेटे कुलदीप सिंह बिश्नोई आदि कई नेता एक-दूसरे के ‌लिए कहीं न कहीं राजनीति में कांटा बने हुए हैं। दलित नेता की होड़ में कुमारी सैलजा और अशोक तंवर एक दूसरे के लिए कांटा बने हुए हैं। यही कारण है कि अभी तक हरियाणा में कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्षों का चयन या नियुक्ति भी नहीं हुई हैं।

हुड्डा ने रामबिलास की दुखती नब्ज पर हाथ रखा। क्योंकि भले ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल हाईकमान का हाथ होने से मजबूत हालत में हैं, लेकिन आज भी हरियाणा बीजेपी में रामबिलास को पैराशूटर माना जाता है। 2014 विधानसभा चुनाव में करनाल विधानसभा से मनोहर लाल को बीजेपी का टिकट दिया गया और मोदी लहर में चुनाव जीत गए। किसी को जरा सा भी अनुमान नहीं था कि उन्हें आनन-फानन में सीएम बना दिया जाएगा और दूसरे वरिष्ठ नेता रामबिलास शर्मा आदि सीएम की कुर्सी की ओर देखते ही रह जाएंगे। केवल रामबिलास शर्मा ही नहीं, कृ‌षि मंत्री ओमप्रकाश धनखड, वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की नजर भी सीएम पर कुर्सी पर रही है। अंबाला के सांसद रतनलाल कटारिया और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज एक दूसरे के लिए कांटा बने हुए हैं। दोनों के बीच शुरू से ही 36 का आंकड़ा है। मंत्री राव नरवीर सिंह और केंद्रीय मंत्री इंद्रजीत सिंह के बीच भी तनातनी बताई जाती रही है। केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर व उद्योग मंत्री विपुल गोयल में कई बार जमकर कहासुनी हो चुकी है।

 
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