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जीएसटी काउंसिल ने चुनाव से पहले छोटे कारोबारियों के लिए की बड़ी घोषणा

January 11, 2019 08:42 AM

सरकार ने जीएसटी काउंसिल मीटिंग में छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। कह सकते हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले मीडियम और छोटे कारोबारियों के लिए इससे बड़ा नए साल का तोहफा कुछ नहीं हो सकता।

सूत्रों के हवाले से खबर है कि सरकार ने न सिर्फ थ्रेसहोल्ड की लिमिट 20 से बढ़ाकर 40 लाख रुपए कर दी है, बल्कि कंपोजीशन स्कीम का दायरा भी 1 करोड़ से बढ़ाकर 1।5 करोड़ रुपए कर दिया है। आपको बता दें कि जीएसटी काउंसिल की 32वीं और इस साल की पहली बैठक अभी चल रही है और जैसे-जैसे अपडेट आएंगे, हम आपको बताते रहेंगे।

चुनावों से पहले एमएसएमई सेक्टर को बड़ी सौगात मिली है। सरकार ने जीएसटी थ्रेशहोल्ड की लिमिट 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 40 लाख रुपए कर दी है। इससे छोटे और मंझोले कारोबारियों को फायदा मिलेगा साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसका सीधा सा मतलब ये है कि अब 40 लाख रुपए तक सालाना टर्नओवर करने वाले कारोबारी को जीएसटी रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी।

सूत्रों के मुताबिक फिलहाल सरकार ने सस्ते घरों को लेकर कोई राहत नहीं दी। अंडर कंस्ट्रक्शन घरों पर जीएसटी घटाने पर सहमति काउंसिल की बैठक में नहीं बनी। अब इस मामले को ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स को भेजा जाएगा। अगर ये जीओएम, जीएसटी करने का सुझाव देता है तभी अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर टैक्स कम किया जाएगा।

बार-बार जीएसटी रिटर्न फाइल करने वाले व्यापारियों को राहत देते हुए सरकार ने कंपोजीशन स्कीम का दायरा बढ़ा दिया है। अब एक करोड़ रुपए की बजाय 1।5 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाले स्मॉल ट्रेडर्स और मैन्युफैक्चरर भी कंपोजीशन स्कीम के दायरे में आएंगे। नया नियम 1 अप्रैल, 2019 से लागू किया जाएगा।

इतना ही नहीं, कंपोजीशन स्कीम का फायदा सर्विस सेक्टर को भी मिलेगा। अब छोटे कारोबारियों को 6 परसेंट फ्लैट जीएसटी देना होगा। इसके अलावा सबसे बड़ी राहत ये है कि कंपोजीशन स्कीम के दायरे में आने वाले कारोबारी तिमाही की बजाय, सालाना आधार पर रिटर्न फाइल कर सकेंगे। आपको बता दें कि कंपोजीशन स्कीम में आने वाले कारोबारियों के लिए कुल बिक्री पर एकमुश्त जीएसटी जमा करना होता है और टैक्स भी एक फिक्स रेट्स पर देना होता है।

 
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