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Haryana

'मेरी फसल मेरा ब्योरा' योजना के तहत गेहूं व सरसों का 15 जनवरी तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी, वरना मंडी में नहीं बेच पाएंगे

January 10, 2019 05:33 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR JA N 10

'मेरी फसल मेरा ब्योरा' योजना के तहत गेहूं व सरसों का 15 जनवरी तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी, वरना मंडी में नहीं बेच पाएंगे फसल
वेबसाइट और सर्वर धीमा होने से फसल के ऑनलाइन पंजीकरण में किसानों को आ रही दिक्कत, तारीख आगे बढ़ाने की मांग

भास्कर टीम | जठलाना/ सांपला
सरकार ने 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' योजना की शुरुआत की है। इसमें आगामी सरसों व गेहूं की फसल के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के किसान फसल को अनाज मंडी में नहीं बेच सकेगा। योजना की अंतिम तिथि 15 जनवरी निर्धारित की गई है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से सरकार के पास पहले ही फसल का डाटा पहुंच जाएगा, जिससे किसानों को फसल बेचने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
रबी की फसल के लिए ऑनलाइन पंजीकरण योजना पूरी तरह से सिरे नहीं चढ़ पा रही है। किसान जब गेहूं, सरसों की फसल को सार्वजनिक पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर रहे हैं तो वह हो नहीं पा रहा। कभी पोर्टल हैंग हो रहा है तो कभी अंतिम चरण में पहुंचने के बाद एरर आ जाता है। कभी आधार नंबर, मोबाइल नंबर को ही गलत बता देता है। पोर्टल की तकनीकी खराबी, किसानों को सही जानकारी का अभाव व कम समय दिए जाने के चलते ज्यादातर किसानों की फसल का पंजीकरण नहीं हो पाया है। किसान पंजीकरण की डेट आगे बढ़ाने की सरकार से मांग कर रहे हैं।
नेटवर्क की समस्या
ग्रामीण क्षेत्र में नेटवर्क में ज्यादा परेशानी सामने आ रही है, जिसके चलते किसान 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' की साइट पर पंजीकरण नहीं करवा पा रहे।
ऑफलाइन सर्वे होगा
ऑनलाइन पंजीकरण के बाद कृषि विभाग, पंचायती राज व सक्षम युवा गांव-गांव जाकर पंजीकृत किसानों का आफॅलाइन सर्वे करेंगेे। सर्वे 31 जनवरी तक पूरा करना है।
ये डॉक्यूमेंट चाहिए
ओरिजनल आधार कार्ड, ओरिजनल बैंक पासबुक, किसान की एक पासपोर्ट साइज फोटो, जमीन की फर्द व किला नंबर की जरूरत पड़ेगी। इनके बिना किसान रजिस्ट्रेशन नहीं करवा सकेंगे।
किसानों को लाभ होगा
खंड कृषि अधिकारी डॉ. मौजी कांबोज ने बताया कि इस सुविधा से किसानों को दूर-दराज की अनाज मंडियों में नहीं जाना पड़ेगा। दूसरे प्रदेशों से प्रदेश की अनाज मंडियों में आने वाली फसल पर भी रोक लगेगी।
3 जिलों में ऐसी है योजना की स्थिति
रोहतक: जिले में 1 लाख 40 हजार हेक्टेयर में रबी की फसल
रोहतक जिले में करीब 1 लाख 40 हजार हेक्टेयर भूमि पर रबी की फसल की बुआई हुई है। इसमें करीब 105000 हेक्टेयर पर गेहूं, 9123 हेक्टेयर पर सरसों व 25877 हेक्टेयर पर विविध प्रकार की फसलें लगाई गई हैं। जिले में ज्यादातर किसान पंजीकरण करवाने के लिए धक्के खा रहे हैं, लेकिन पंजीकरण नहीं हो पा रहा है।
करनाल: एडीए किसानों से भरवा रहे फॉर्म
योजना के तहत गेहूं व सरसों की फसल का रजिस्ट्रेशन 15 जनवरी तक करवाना है। 600 सक्षम युवा गांव-गांव जाकर किसानों से फार्म भरवा रहे हंै। किसान कॉमन सर्विस सेंटर और मार्किटिंग बोर्ड के कार्यालय में जाकर फार्म भर सकते हैं। एडीए अपने क्षेत्र के किसानों से फॉर्मभरवा रहे हैं। कृषि विभाग के डीडीए आदित्य डबास ने बताया कि 15 फार्म भरवाने के बाद इन्हें ऑनलाइन डाऊन लोड किया जाएगा।
हिसार: 30 प्रतिशत किसानों ने ही कराया पंजीकरण
हिसार जिले में 3 भागों में रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं। इसमें गेहूं, सरसों व अन्य फसलों के रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं। अधिकारियों की मानें तो अभी पूरी जनवरी रजिस्ट्रेशन का कार्य किया जाएगा। दो माह बाद जब फसल तैयार हो जाएगी तब किसानों को योजना का लाभ मिल सकेगा। अभी तक केवल 30 प्रतिशत किसानों ने ही पंजीकरण कराया है।
क्या कहते हैं किसान
: गांव पाकस्मा निवासी किसान सुरेंद्र का कहना है कि उसकी फसल का पंजीकरण नहीं हो पा रहा। किसानों की समस्या को देखते हुए डेट आगे बढ़ानी चाहिए ताकि किसानों को फसल का उचित रेट मिल सके।
: गांव नौनंद निवासी किसान बलराज का कहा कि उसने 34 एकड़ में गेहूं की बुआई की हुई है। कृषि विभाग के ऑफिस में कहा गया कि गांव के कॉमन सर्विस सेंटर में पंजीकरण करवा लो, लेकिन यहां भी कुछ नहीं हो पा रहा है।
: गांव आसान निवासी किसान मनोज ने कहा कि सरकार की योजना किसानों के हित की जरूर है, लेकिन पोर्टल के चलते समस्या खड़ी हो रही है।
डेट बढ़ाने की सूचना नहीं
पंजीकरण की आगे डेट बढ़ाए जाने की अभी कोई सूचना नहीं है। कितने किसानों का पंजीकरण हुआ उसका डेटा फिलहाल उपलब्ध नहीं है। पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हो पाने की जानकारी मिली है। - रोहताश सिंह, उप कृषि निदेशक
फसलों का रजिस्ट्रेशन करने के नाम पर किसानों से 100 रुपए प्रति एकड़ वसूली
डीसी के संज्ञान में मामला आने के बाद एसडीएम ने सीएससी संचालक को किया तलब, किसानों से वसूल की गई अधिक राशि लौटाई जाएगी
भास्कर न्यूज | नारनौल
गांव कोरियावास के अटल सेवा केंद्र (सीएससी) संचालक द्वारा 'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' के तहत फसलों का किसानों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर 100 रुपए प्रति एकड़ वसूल करने का मामला प्रकाश में आया है। जबकि सरकार के नियमानुसार फसलों के रजिस्ट्रेशन के लिए प्रति एकड़ दस रुपए प्रोत्साहन राशि किसानों से वसूलने का प्रावधान है। कोरियावास गांव के किसानों ने बुधवार नारनौल पहुंचकर मार्केट कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी को ज्ञापन सौंपकर बताया कि गांव के अटल सेवा केंद्र पर उनसे रजिस्ट्रेशन के नाम पर 100 रुपए प्रति एकड़ राशि वसूलने की शिकायत दर्ज करवाई है। किसानों की शिकायत सुनने के बाद चेयरमैन जेपी सैनी ने किसानों को यह मामला उपायुक्त के नोटिस में लाकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने आए किसान सांवलराम, महाबीर सिंह, रंगलाल व पूर्णमल ने बताया कि अटल सेवा केंद्र संचालक किसानों के साथ ठगी कर रहा है। उन्होंने अपने ज्ञापन में मांग की है कि कोरियावास गांव में किसानों से वसूल की गई अधिक राशि अटल सेवा केंद्र संचालक से वापस दिलवाई जाए। मार्केट कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी ने बताया कि पिछले सप्ताह वे कोरियावास गांव में किसानों को सरकार की इस योजना के प्रति जागरूक करने के लिए पहुंचे थे। उस दौरान किसानों की इस शिकायत पर उन्होंने खुद अटल सेवा केंद्र पर पहुंचकर उसके संचालक से निर्धारित राशि से अधिक राशि वसूल नहीं करने के लिए कहा था। चेयरमैन ने बताया कि किसानों की इस शिकायत को डीसी को इमेल के माध्यम से भेजकर इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की गई है।
सीएससी संचालक को सख्ती से आदेश दिए जाएंगे
उपायुक्त डाॅ. गरिमा मित्तल ने बताया कि मामला संज्ञान में आ चुका है। इसके बाद नारनौल के एसडीएम जगदीश कुमार ने गांव कोरियावास के सीएससी अटल सेवा केंद्र के संचालक को तलब कर लिया है। सीएससी संचालक को सख्ती से आदेश दिए जाएंगे कि वह निर्धारित राशि ही किसानों से ले और अब तक जिन किसानों से अधिक राशि वसूल की गई वो उन्हें लौटाई जाए। यदि सीएससी संचालक ऐसा नहीं करेगा तो कार्रवाई की जाएगी।
भास्कर न्यूज | नारनौल
गांव कोरियावास के अटल सेवा केंद्र (सीएससी) संचालक द्वारा 'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' के तहत फसलों का किसानों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर 100 रुपए प्रति एकड़ वसूल करने का मामला प्रकाश में आया है। जबकि सरकार के नियमानुसार फसलों के रजिस्ट्रेशन के लिए प्रति एकड़ दस रुपए प्रोत्साहन राशि किसानों से वसूलने का प्रावधान है। कोरियावास गांव के किसानों ने बुधवार नारनौल पहुंचकर मार्केट कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी को ज्ञापन सौंपकर बताया कि गांव के अटल सेवा केंद्र पर उनसे रजिस्ट्रेशन के नाम पर 100 रुपए प्रति एकड़ राशि वसूलने की शिकायत दर्ज करवाई है। किसानों की शिकायत सुनने के बाद चेयरमैन जेपी सैनी ने किसानों को यह मामला उपायुक्त के नोटिस में लाकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने आए किसान सांवलराम, महाबीर सिंह, रंगलाल व पूर्णमल ने बताया कि अटल सेवा केंद्र संचालक किसानों के साथ ठगी कर रहा है। उन्होंने अपने ज्ञापन में मांग की है कि कोरियावास गांव में किसानों से वसूल की गई अधिक राशि अटल सेवा केंद्र संचालक से वापस दिलवाई जाए। मार्केट कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी ने बताया कि पिछले सप्ताह वे कोरियावास गांव में किसानों को सरकार की इस योजना के प्रति जागरूक करने के लिए पहुंचे थे। उस दौरान किसानों की इस शिकायत पर उन्होंने खुद अटल सेवा केंद्र पर पहुंचकर उसके संचालक से निर्धारित राशि से अधिक राशि वसूल नहीं करने के लिए कहा था। चेयरमैन ने बताया कि किसानों की इस शिकायत को डीसी को इमेल के माध्यम से भेजकर इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की गई है।
किसानों को नहीं होगी फसल बेचने में दिक्कत

 
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