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केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने अभय के आरोपों का दिया जवाब ‘सियासत से पहले SYL का इतिहास तो पढ़ लेते अभय’

December 07, 2018 06:01 AM

COURTESY NBT DEC 7

केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने अभय के आरोपों का दिया जवाब
‘सियासत से पहले SYL का इतिहास तो पढ़ लेते अभय’

 

जुबानी जंग• अभय चौटाला ने कहा था कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से लेकर उनके पिता पूर्व सीएम राव बीरेंद्र सिंह ने एसवाईएल के मुद्दे पर कभी आवाज नहीं उठाई। उन्होंने केवल दक्षिण हरियाणा के लोगों को गुमराह किया, अपनी ताकत बढ़ाई और जनता को कमजोर किया।• राव इंद्रजीत ने कहा, जनता जानती है कि किसने सत्ता में रहकर शोषण किया•एनबीटी न्यूज, जींद

आईएनएलडी नेता अभय चौटाला की ओर से केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत और उनके पिता पर एसवाईएल को लेकर राजनीति करने का आरोप के बाद दोनों नेताओं में जुबानी जंग छिड़ गई है। यह जंग उस मौके पर छिड़ी है, जब 9 दिसंबर को जींद में दुष्यंत रैली कर रहे है और राव इंद्रजीत और दुष्यंत मुलाकात कर चुके है। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि अभय चौटाला राजनीति करने से पहले हरियाणा का इतिहास पढ़ ले। गौरतलब है कि नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने कहा था कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से लेकर उनके पिता पूर्व सीएम राव बीरेंद्र सिंह ने एसवाईएल के मुद्दे पर कभी आवाज नहीं उठाई। उन्होंने केवल दक्षिण हरियाणा के लोगों को गुमराह किया, अपनी ताकत बढ़ाई और जनता को कमजोर किया।

केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने एनबीटी से खास बातचीत करते हुए कहा कि एसवाईएल नहर का इतिहास अभय को मालूम नहीं और पानी लाने की बात करते हैं। हरियाणा की जनता जानती है कि किसने सत्ता में रहकर जनता का शोषण किया है/ राव ने कहा कि हरियाणा के मेहनतकश किसानों के हित में रावी-व्यास जल समझौता कराने में उनके पिता राव बिरेंदर सिंह की अहम भूमिका थी। उस समय उनके पिता केंद्र में सिंचाई मंत्री थे। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके पिता की मौजूदगी में 31 दिसंबर 1981 को हुए रावी-व्यास जल समझौते में राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर हुए थे । सत्ता की तलाश में अभय चौटाला इतिहास को नकार रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अभय तो आज एसवाईएल की चर्चा कर रहे हैं, जबकि मैंने रावी-व्यास के लंबित पड़े प्रेसिडेंशियल रेफरेंस पर जल्द सुनवाई की मांग सभा और मीडिया के माध्यम से हरदम उठाई है। उन्होंने कहा, ‘2011 में जब मैं कांग्रेस का सांसद था तब मैंने पार्टी और कुर्सी की परवाह न करते हुए नांगल चैधरी में जल प्रबंधन रैली आयोजित की थी । रैली में मेरे आह्वान पर हजारों किसानों ने जल्द सुनवाई करने और हरियाणा के हक का पानी देने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस और तत्कालीन राष्ट्रपति को पत्र लिखे थे। जब मैं सत्ता में रहकर ही जनता की आवाज उठा रहा था, आईएनएलडी के कई नेता उस समय अकाली दल के साथ दोस्ती निभा रहे थे। कुछ लोगों के लिए एसवाईएल का मुद्दा सियासी हो सकता है, लेकिन एसवाईएल का पानी दक्षिण हरियाणा के लोगों के लिए जीवन मरण का मसला है।

 

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