Saturday, February 23, 2019
Follow us on
Niyalya se

गुरुग्राम जिला कोर्ट ने दिए 7 तहसीलदर व 14 बिल्डरों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश

December 01, 2018 04:46 PM

आज गुरुग्राम जिला कोर्ट ने 7 तहसीलदर और 14 बिल्डरों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए है साथ ही 7 रजिस्ट्री क्लर्क और तीन कंप्यूटर ऑपरेटरों के खिलाफ भी मामला दर्ज करने के आदेश दिए |

क्या है पूरा मामला --

एक RTI से नगर निगम के गाँव सिही की जमीन सबंधित वसीका देखने से पता चला था कि तहसील में करोड़ो रुपए का घोटाला चल रहा है तहसील मानेसर के अधिकारी व् कर्मचारी बिल्डर के साथ मिली भगत करके भ्रष्टाचार फैला रहे है, उदहारण के तौर पर उन्होंने वसीका नंबर 310 दिनाक 24.05.10 तहसील मानेसर का जिकर किया जो वसीका गाँव सिही की है, जो नगर निगम के एरिया में आती है जहाँ पर 7 % स्टम्प ड्यूटी वसीका पंजीकरण के समय लगती है, लेकिन तहसील मानेसर के अधिकारी व् कर्मचारियों ने बिल्डर के साथ मिली भगत करके वसीका नंबर 310 की जमीन को नगर निगम एरिया से बाहर दिखाकर 5% के हिसाब से स्टाम्प ड्यूटी लेकर सरकार 16,29,000 का नुकसान किया, इस तरह कुल 53 वसिकाओ में कुल 5,09,40,000 का नुकसान हुआ है, इस पर सीनियर ऑडिट ऑफिसर आई टी ऑडिटर रिपोर्ट में भी इन वसिकाओ पर सवाल उठ चूका है (RS/OR/IT-PA/HARiS-HALRIS/2013-14-/9 दिनाक 03.10.2013)

इस सम्बन्ध में एक शिकायत पुलिस स्टेशन पर भी की गई थी, जिसमे तत्कालीन पुलिस उपयुक्त ने विजिलेंस से जाचं की मांग को लिखते वख्त ये लिखा था की “मामला राज्य राजस्व वसूलने में भरी रकम की हेरा- फेरी से संबन्धित है , जिसमे लोग सेवको के भ्रष्ट आचरण की परम सम्भावना है” जिसमे बावजूद विजिलेंस पिछले 2 साल से अभी तक जाचं आरम्भ नहीं की।

इस सन्धर्भ में एक शिकयत CMOFF/N/2017/023791 दिनाक 03.03.2017 से विचाराधीन है, एक शिकयत प्रधानमंत्री कार्यालय ने पत्र संख्या PMOPG/D/2017/0496917 दिनाक 24.10.2017 के माध्यम से मुख्यसचिव को पत्र लिखा लेकिन अभी तक आगे कोई कार्यवाही नही हुई है

 

इसी में बॉक्स

भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री और प्रधानमन्त्री अंकुश लगाने में असमर्थ , न्यायपालिका पर भरोसा और भी मजबूत – सुधीर यादव

आम आदमी पार्टी प्रदेश प्रवक्ता सुधीर यादव ने 5 दिन पहले गुरुग्राम में एक प्रेसवार्ता कर सभी सबूतों व तथ्यों के आधार के साथ मुख्यमंत्री खट्टर पर इस भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप भी लगाये थे | उन्होंने कहा था कि अगर मामले की निष्पक्ष जाँच हुई तो मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ओमप्रकाश चौटाला के साथ तिहाड़ जेल में होंगे क्योकि पिछले दो साल से अथक प्रयास के बाद भी हरियाणा सरकार इस ममामले में जाँच के आदेश नही दे रही है | आज गुरुग्राम जिला अदालत के आर्डर मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के भ्रष्ट चेहरे को उजागर करते है कि तरह से बार- बार शिकायत करने के बावजूद उस फाइल पर कुंडली मार के बैठ गये |

पिछले 2 साल से गुरुग्राम के RTI कार्यकर्ता अधिकार मंच के माध्यम से इस मामले में शिकायत दर – दर शिकायत कर रहे थे और एक आईपीएस , तत्कालीन कमिश्नर द्वारा विजिलेंस को जाँच के लिए लिखना और मुख्यतः यह लिखना कि इस केस में अधिकारीयों के भ्रष्ट आचरण की परम सम्भावना है |और इसके बावजूद हमने मुख्यमंत्री व प्रधानमन्त्री को बार-बार लिखा लेकिन फिर भी कोई भी जाँच नही कराई गई | ऐसी प्रबल सम्भवनाये है कि प्रदेश की अन्य तहसीलों में इस तरह भ्रष्टाचार का खेल जारी हो | अतः मुख्यमंत्री को आगे आकर सभी तहसीलों का ऑडिट जाँच कराना चाहिए |

सुधीर यादव ने बताया की उन्हें नयायपालिका पर पूरा भरोसा है और इस मामले की निष्पक्ष जाँच होगी , बिना किसी राजनीतिक हस्तेक्षेप के | आम आदमी पार्टी हमेशा से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ है और प्रदेश के मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना तो दूर वो खुद भ्रष्ट है |

Have something to say? Post your comment