Monday, December 10, 2018
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Haryana

हरियाणा में एसिड अटैक पीड़ितों को अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देशों के अनुसार मिलेगा मुआवजा

October 29, 2018 07:46 PM

चंडीगढ़ - हरियाणा में एसिड अटैक का शिकार हुई पीड़ितों को अब सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा आदेशों के अनुसार नयी दरों पर बढ़ी हुई मुआवजा राशि प्राप्त होगी । अथॉरिटी ने एडवोकेट हेमंत की आर टी आई के जवाब में लिखा है कि इस सम्बन्ध में हरियाणा  सरकार को सुप्रीम कोर्ट का आदेश भेज दिया गया है एवं राज्य सरकार से अपने मौजूदा नियमों में उपयुक्त संशोधन करने सम्बन्धी निर्धारित अधिसूचना जारी करने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त हरियाणा में  सभी जिला एवं सेशंस जजों, जो अपने अपने जिले की जिला विधिक सेवा अथॉरिटी डीएलएसए के चेयरपर्सन भी होते हैं, हर जिले के चीफ जुडिशल मजिस्ट्रेट, जो अपने अपने जिले के डीएलएसए के सचिव भी होते हैं, को भी पत्र भेज कर प्रदेश के  हर जज के संज्ञान में यह आदेश लाने को कहा गया है जिससे सुप्रीम कोर्ट के 5 सितम्बर 2018 के उक्त आदेशों की अनुपालना की जा सके। अथॉरिटी ने अपने जवाब में यह भी लिखा है कि उसने  हरियाणा के पुलिस महानिदेशक डी जी पी एवं राज्य अभियोजन विभाग के निदेशक को इस बारे में अलग अलग पत्र भेज कर कहा है की इस बारे में राज्य के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों एवं सभी जिला अटॉर्नी  को भी इस बाबत सख्त अनुपालना करने को कहा गया है। गौरतलब है कि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने अम्बाला शहर  में 4 अक्टूबर को घटित हुई घटना के बाद गत 15 अक्टूबर को हरियाणा राज्य विधिक सेवा अथॉरिटी में एक आर टी आई द्वारा इस बाबत सूचना मांगी थी  कि अथॉरिटी  ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए ताज़ा आदेशों को राज्य में लागू करने के लिए अब तक क्या कवायद आरम्भ की है।एडवोकेट हेमंत ने बताया कि 5 सितम्बर 2018 को माननीय सुप्रीम कोर्ट के तीन जज बेंच ने निपुण सक्सेना बनाम भारत सरकार नामक केस में आदेश दिया है कि भारत के सभी राज्यों में एसिड हमले के शिकार पीडितो को मुआवजा राशि राष्ट्रीय विधिक सेवा अथॉरिटी ( नालसा) द्वारा बनायीं गयी पीड़ित मुआवजा स्कीम, 2018 के अनुसार दी जाए एवं कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि गत  2 अक्टूबर, 2018 की तिथि से  यह नई मुआवजा स्कीम पूरे देश में लागू हो जायेगी। हेमंत ने कहा की चूँकि अम्बाला शहर एसिड अटैक की घटना 4 अक्टूबर को हुई इसलिए सुप्रीम कोर्ट का उक्त  आदेश इस केस पर पूर्णतया लागू होते हैं। उन्होंने  बताया कि नालसा की मुआवजा स्कीम के अनुसार अगर एसिड पीड़ित के शरीर पर एसिड अटैक से हुए क्षति 20 प्रतिशत से कम है तो न्यूनतम तीन लाख रुपये एवं अधिकतम चार लाख रुपये, अगर क्षति 50 फीसदी से कम है तो  न्यूनतम तीन लाख रुपये एवं अधिकतम पांच  लाख रुपये, अगर पीड़ित की क्षति 50 प्रतिशत से अधिक है तो न्यूनतम पांच  लाख रुपये एवं अधिकतम आठ  लाख रुपये दिए जाने चाहिए। इसके अलावा अगर पीड़ित का चेहरा क्षतिग्रस्त हो गया है, तो न्यूनतम सात  लाख रुपये एवं अधिकतम आठ  लाख रुपये दिए जाने चाहिए। जहाँ तक एडवोकेट हेमंत द्वारा मांगी गयी  यह जानकारी कि 2 अक्टूबर, 2018 के बाद प्रदेश के हर जिले में  घटित हुई एसिड अटैक की घटनाओ के पीडितो को, जिसमें अम्बाला शहर की पीड़िता का केस भी शामिल है, क्या उन्हें सुप्रीम कोर्ट के उक्त आदेशों के तहत मुआवजा राशि प्राप्त हुई है, अथॉरिटी ने हेमंत की आरटीआई याचिका की प्रतिलिपि हरियाणा के हर जिले के चीफ जुडिशल मजिस्ट्रेट कम सचिव,  जिला विधिक सेवा अथॉरिटी को भेज कर इस बारे में हेमंत को जवाब देने को कहा गया है। अब तक भिवानी एवं रेवाड़ी के डीएलएसए कार्यालय द्वारा हेमंत को जवाब दे कर बताया गया है कि उनके जिलों में 2 अक्टूबर से अब तक एसिड अटैक की कोई घटना नहीं हुई है। बाकी जिलों के जवाब की प्रतीक्षा की जा रही है।

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