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Haryana

मनोहर लाल ने नंबरदारों के मानदेय को दोगुणा करने के घोषणा करने के अलावा प्रदेश के प्रत्येक नंबरदार को मोबाइल फोन देने व उन्हें आयुष्मान योजना में शामिल करने जैसी कई सौगातें दी

October 14, 2018 07:30 PM

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने नंबरदारों के मानदेय को दोगुणा करने के घोषणा करने के अलावा प्रदेश के प्रत्येक नंबरदार को मोबाइल फोन देने व उन्हें आयुष्मान योजना में शामिल करने जैसी कई सौगातें दी हैं। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से नंबरदारों को अब 1500 रुपये की बजाय 3000 रुपये रुपये प्रतिमाह की दर से मानदेय मिलेगा, जोकि उनके खातों में सीधा जमा करवाया जाएगा।

मुख्यमंत्री आज हिसार के महाबीर स्टेडियम में राज्य स्तरीय नंबरदार सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन में प्रदेशभर से नंबरदार शामिल हुए। बुजुर्ग नंबरदारों ने मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल, वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु, परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार व एचबीपीई के चेयरमैन व विधायक डॉ. कमल गुप्ता को पगड़ी पहनाकर तथा डोगा व शॉल देकर उनका अभिनंदन किया।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने नंबरदारों के रुतबे की कद्र नहीं की और उन्हें उनकी हैसियत के अनुसार मानदेय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि नंबरदारों के साथ सूचनाओं के तेज प्रेषण हेतु उन्हें एक-एक मोबाइल फोन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में नंबरदारों को आबियाना बिल मिलने में देरी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए सिंचाई विभाग को जरूरी दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।

        श्री मनोहर लाल ने कहा कि सामाजिक, आर्थिक, जातिगत जनगणना के तहत आने वाले परिवारों की भांति नंबरदारों को भी आयुष्मान भारत योजना में शामिल किया जाएगा जिसके तहत उन्हें प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि आमजन व नंबरदारों की सुविधा के लिए राजस्व मुकद्दमों में राजस्व अधिकारियों की रिमांड की पावर को खत्म कर दिया गया है ताकि मुकद्दमों का तेज गति से  समाधान किया जा सके।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि हर तिमाही में नंबरदारों की ट्रेनिंग करवाई जाएगी ताकि उन्हें प्रदेश सरकार की नई-नई योजनाओं, अपने अधिकारों और कर्त्तव्यों की नवीनतम जानकारी मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक तहसील मुख्यालय पर तहसील से संबंधित गांव की जमाबंदी नकलें ऑनलाइन कर दी गई हैं, जिससे किसानों को इनके लिए जगह-जगह भटकने की आवश्यकता नहीं रही।

        उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का ऐसा पहला राज्य है, जिसने पंचायती राज संस्थाओं का स्वरूप बदलने के साथ-साथ शक्तियों का विकेंद्रीकरण करने के लिए अंतर जिला परिषद गठित की। आज पंचायती राज संस्थाओं व शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि पढ़े-लिखे हैं। इससे गांवों व शहरों के विकास के लिए नई सोच का ऊर्जावान और पढ़ा-लिखा नेतृत्व मिला है। उन्होंने कहा कि हरियाणा को स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2018 में सर्वोच्च राज्य का स्थान मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जवाबदेह व पारदर्शी शासन प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। राज्य सरकार द्वारा राजस्व विभाग को ऑनलाइन कर दिया गया है ताकि लोगों के समय व पैसे की बचत हो और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगे।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार बनने के समय 100 गांवों की चकबंदी का कार्य शेष था जिसमें से आधे गांवों की चकबंदी पूरी करवा दी गई है। यदि पंचायतें प्रस्ताव देंगी तो उन गांवों की भी पुन: चकबंदी करवाई जाएगी जिनकी पुराने समय में चकबंदी हुई थी। उन्होंने बताया कि सरकार ने जीरो इंतकाल का लक्ष्य रखा है। चार साल पहले पेंडिंग इंतकालों की संख्या 4 लाख थी जिनमें से अब केवल 20 हजार इंतकाल केस शेष हैं। इनमें से ज्यादातर विवादित केस हैं जिनका समाधान सरकार के स्तर पर करवाया जाएगा।

        उन्होंने कहा कि ई-खसरा गिरदावरी का कार्य ई-टैब के माध्यम से फसल खरीफ 2018 से शुरू किया गया है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक जिले की एक-एक तहसील का चुनाव किया गया है। बाद में इसे पूरे प्रदेश में शुरू कर दिया जाएगा तथा नकल खसरा गिरदावरी ऑनलाइन उपलब्ध करवा दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 23 हजार नंबरदार अपने-अपने इलाके में समर्पित भाव से कार्य करें। उनके कंधों पर भारी जिम्मेदारी है। वे गांवों में शांति और सद्भावना की कडि़यां मज़बूत करने के लिए वे अपनी रचनात्मक भूमिका निभाएं। राज्य सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों और विकासशील नीतियों से अपने इलाकों के लोगों को अवगत करवाएं ताकि विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंच सके।

        मुख्यमंत्री कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण प्रदूषण चिंता का विषय है। खेतों में फसल के अवशेष, विशेषकर पराली जलाए जाने से यह समस्या और बढ़ जाती है। इसलिए आपसे अनुरोध है कि आप किसानों को इस समस्या के प्रति जागरूक करें और उन्हें पराली व फसल के अन्य अवशेष न जलाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि शिवधाम योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक गांव के शमशान घाट के रास्ते को पक्का करवाने, इसकी चारदीवारी बनवाने तथा वहां पानी व शैड की व्यवस्था करवाई जा रही है। इसी प्रकार प्रदेश में स्थित 14 हजार तालाबों के जीर्णोद्घार की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में लगभग सभी परिवारों के पास गैस कनेक्शन हैं, लेकिन यदि फिर भी किसी परिवार के पास गैस कनेक्शन नहीं है तो नंबरदार व गांव के मौजिज व्यक्ति प्रशासन व अधिकारियों को सूचित करके उन तक यह सुविधा पहुंचाने में सहयोग करें। उन्होंने प्रदेश के प्रत्येक परिवार को छत मुहैया करवाने के संकल्प को भी दोहराया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई स्वच्छता व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सहित अन्य अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि आज प्रदेश का लिंगानुपात 837 से बढ़कर 931 हो गया है।

        वित्त एवं राजस्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि नंबरदारों का इतिहास समाज के सुख-दुख से जुड़कर काम करने का रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार व जनता के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान के मामले में नंबरदारों से बड़ी कोई संस्था नहीं हो सकती है। बदलते तकनीकी युग में राजस्व विभाग व प्रशासनिक कार्यों के तौर-तरीकों में बदलाव आया है। अधिकतर कार्यों को ऑनलाइन कर दिया गया है। लेकिन ऑनलाइन व्यवस्थाओं के बावजूद नंबरदारों की अहमियत कम नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार नंबरदार संस्था को और अधिक मजबूत करने का काम करेगी। पारदर्शिता व जवाबदेही के मामले में नंबदारों को भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए।

        परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े राजस्व संबंधी कार्यों व आपदाओं की सूचना आदि के प्रेषण में नंबरदारों की अहम भूमिका है। उन्होंने नंबरदारों से अपील करते हुए कहा कि संबंधित गांवों में वास्तविक कार्य व व्यक्ति के पक्ष में तस्दीक करें। इस अवसर पर सार्वजनिक उपकरण ब्यूरो के चेयरमैन डॉ. कमल गुप्ता ने भी अपने विचार रखे।

        राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव केसनी आनंद अरोड़़ा ने राज्य स्तरीय नंबरदारों के आयोजन के लिए हरियाणा सरकार का धन्यवाद किया। हिसार मडंल आयुक्त राजीव रजंन ने नंबरदार समारोह में भाग लेने वाले सभी नंबरदारों का स्वागत करते हुए कहा कि नंबरदार पहचान व तस्दीक आदि का कार्य वर्षों से कर रहे है।

        इस अवसर पर कॉन्फेड चेयरमैन कैप्टन भूपेन्द्र, वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के चेयरमैन श्रीनिवास गोयल, हरियाणा मिट्टी कला बोर्ड के चेयरमैन कर्ण सिंह रानौलिया, चेयरपर्सन ज्योति बेंदा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

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