Monday, June 17, 2019
Follow us on
BREAKING NEWS
भाजपा राज में सबसे ज्यादा युवा बेरोजगार, नौकरियों में धांधली और सबसे ज्यादा पेपर लीक हुए - दुष्यंत चौटालाआज से नए आयकर नियम; डिफाल्टर सिर्फ जुर्माना देकर बच नहीं सकतेJ& K के पुलवामा में सेना के काफिले पर आतंकी हमला,WEST BENGAL -डॉक्टरों ने खत्म की हड़ताल,CHENNAI-No hotel, IT firm in Chennai shut down due to drinking water scarcity:सुप्रीम कोर्ट सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा और सुरक्षा की मांग करने वाली याचिका पर कल सुनवाई पिछले सप्‍ताह शनिवार को माता वैष्‍णों देवी की पवित्र गुफा में 47 हज़ार से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए।बिहार: औरंगाबाद में लू से मौतें, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को दिखाए गए काले झंडे
National

निजी क्षेत्र का बढ़ता वर्चस्व

October 03, 2018 04:05 PM

बाजारवादी अर्थव्यवस्था, मार्किट इकोनामी आज हर क्षेत्र में, चाहे वे शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी समाजिक वस्तुंए हों या फिर मनोरंजन का क्षेत्र हो, सब जगह निजी क्षेत्र अपना आद्यिपात्य जमा रहा है । बाजार की शक्तिंया, कीमतें,मांग व पूर्ति साधनों का इष्टतम बंटवारा करती है । हमारे देष में भी निजी क्षेत्र पूरे जोर-शोर से आगे बढ़ रहा है लेकिन इस प्रकार की व्यवस्था में ‘‘उपभोक्ता ही सम्राट है‘‘ जिस मूलधारणा पर यह टिकी होती है, वह हमारे यहां नदारद है । इसीलिए ही उपभोक्ता का शोषण जारी है, न तो उसको सुविधाएं व श्रेष्ठ क्वालिटी की वस्तुए मिलती है तथा कीमत की अत्याघिक देनी पड़ती है । निजी क्षेत्र में लाभ ही प्ररेणास्त्रोत होता है, पर दीर्घकाल में तो अगर उपभोक्ता-ग्राहक संतुष्ट होगा तभी लाभ कमाया जा सकेगा, अन्यथा व्यवसाय का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा । ग्राहर ही सर्वेसर्वा या ‘‘ग्राहक पहले, लाभ बाद में ’’ निजी क्षेत्र के विस्तार व विकास का मूलमंत्र होता है, पर हमारे देश में निजी क्षेत्र के उद्योगपति न तो उपभोक्ता के लिए उदार नीतियां अपनाते है और न ही कर्मचारी/श्रमिकों के लिए । उनका सारा ध्यान अपने लाभ व निजी धन को बढ़ाने पर केंद्रित है । अब चाहे आप हैल्थ सैक्टर में बढ़ते निजी-क्लीनिकों या बड़े बड़े कारपोरेट हस्पतालों को ले लो उनमें कार्यरत डाक्टरों पर टारगेट पूरे करने का प्रैशर है तथा रोगी, पेशंटस का बेइन्ताह शोषण जारी है । ह्रदयरोग से पीड़ित व्यक्ति की समस्या का निदान उनकी प्रमुखता नहीं, कितने वाल्व ब्लाक हैं तथा कितने स्टंट डालने हैं उनकी सारी चिकित्सा झूठे-सच्चे टैस्ट करवा कर फंसे मुर्गे से जितना निकाला जा सके, भारी भरकम बिल बना अपना हित साधना है । अर्थात लगी पूंजी पर लाभ लेना है । लाभ तो लेना ही चाहिए पर प्रष्न विभिन्न स्टेकहोल्डर्स की प्राथमिकता का है । कस्टमर तो सबसे अन्तिम पायदान पर खड़ा हे । उसे न्यूनतम दर पर श्रेष्ठतम सर्विस व प्रोडक्ट उपलब्ध करवाना उनकी प्राथमिकता नहीं है । यह हाल निजी क्षेत्र का शिक्षा जैसे अत्यन्त महत्वपूर्ण क्षेत्र में भी देखा जा सकता है । मनमानी, भारी-भरकम फीसे लेकर भी जो शिक्षा, तकनीकी हो या सामान्य, न ही विद्यार्थी को रोजगार योग्य बनाती है, न ही उसके सहज गुणों व क्षमता का दोहन कर विकास कर रही है । गली के बीमार कुत्ते जैसे स्थिति हो चुकी है, ठोकर तो हर कोई लगा रहा है, पर उसकी तीमारदारी पर किसी को ध्यान नहीं है । अमेरिका व यूरोपियन देशों की तर्ज पर निजी क्षेत्र को बढ़ावा तो दिया जा रहा है? पर वहां पर जो सिद्धान्त व असूल, जोकि उनकी सफलता का मुख्य आधार हैं उन्हें हमारे देश में नजरअंदाज किया जा रहा है । वहां के उदारमना उद्योगपति जिन्होंने बड़ी बड़ी नामी-गिरामी संस्थाएं खड़ी की है और व्यवसायी उनके पीछे ग्राहक व उपभोक्ता को प्रमुखता देना, यह प्राथमिता रही है । लेकिन हमारे देश में तो यदि अधपका अंडा बिकता है, तोउस अंडे को पूरा क्यों पकाया जाए, वाली मनोवृत्ति हावी है । अपनी जेबे भरने में माहिर निजी क्षेत्र, बाजार व्यवस्था के मूलभूत सिद्धान्तों को अवहेलना कर, ज्यादा देर व दूर तक नहीं चल सकता । प्रगतिशील व उदार निजी क्षेत्र, जिसमें पूंजीपति अपने लाभ से पहले कार्यरत कर्मचारियों व ग्राहकों के हितों को महत्व देता है, वहीं बाजारवादी अर्थव्यवस्था को मानवीय चेहरा देकर, अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकता है ।

                                   डा0 क कली

 
Have something to say? Post your comment
 
More National News
आज से नए आयकर नियम; डिफाल्टर सिर्फ जुर्माना देकर बच नहीं सकते WEST BENGAL -डॉक्टरों ने खत्म की हड़ताल, CHENNAI-No hotel, IT firm in Chennai shut down due to drinking water scarcity: ममता का पश्चिम बंगाल के हर अस्पताल में नोडल पुलिस ऑफिसर तैनात करने का निर्देश पश्चिम बंगाल: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने सचिवालय पहुंचे हड़ताली डॉक्टर पश्चिम बंगाल: हड़ताली डॉक्टरों के साथ बैठक के लिए सचिवालय पहुंचीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भाजपा संसदीय बोर्ड की आज शाम नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में बैठक होगी। गुजरात में तूफान वायु उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा है; मध्य रात्रि को कच्छ तट से टकराने की आशंका । इंदौरः मंत्री की बैठक में एंट्री से रोका, कांग्रेस नेता ने की पुलिसकर्मियों से बदसलूकी Text of PM's Media Statement at the Start of the 17th Lok Sabha