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Haryana

हुड्डा की महेन्द्रगढ़ की जनक्रांति रैली की भीड़ ने रामबिलास शर्मा के सामने खड़ी कर दी चुनौति

August 14, 2018 04:45 PM

ईश्वर धामु(चंडीगढ़):हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की जनक्रांति यात्रा ने प्रदेश की राजनीति में रंग दिखाने शुरू का दिए हैं। पांचवें चरण में महेंद्रगढ़ क्षेत्र में चल रही इस रथयात्रा ने अभी तक की रैलियों की भीड़ के रिकार्ड तोड़ दिए। पूर्व सीवीएस राव दानसिंह द्वारा आयोजित जनक्रंाति रैली में अभूतपूर्व भीड़ रही। यह भीड़ महेंद्रगढ़ क्षेत्र में अभी हुई राजनैतिक रैलियों में सबसे अधिक कही जा रह है। राजनैतिक क्षेत्रों में जनक्रांति रैली की भीड़ को लेकर कहा जाने लगा है कि रथयात्रा के माध्यम से हुड्डा दक्षिणी हरियाणा में सैंध लगाने में कामयाब हो गए हैं। अभी तक राव इंदीजीत सिंह और कैप्टन अजय यादव के विरोध के कारण हुड्डा मुख्यमंत्री रहते हुए भी इस क्षेत्र में इतनी भीड़ नहीं जूटा पाए थे। क्योकि चौधर की राजनीति के चलते राव इंदरजीत सिंह और कैप्टन अजय यादव ने हुड्डा का विरोध किया। इसलिए हुड्डा का इस क्षेत्र में राव दान सिंह के अलावा दूसरा कोई समर्थक नहीं रहा। हुड्डा ने अपने दूसरे कार्यकाल में  राव दानसिंह को सीपीएस बनाया था। इस बार राव दान सिंह खुद रामबिलास शर्मा से चुनाव हार गए थे। लोकसभा चुनाव से पहले राव इंदरजीत सिंह कांग्रेस छोड़ भाजपा के पाले में चले गए थे। अब रहे कैप्टन अजय यादव की तो वें अब भी हुड्डा गुट से अलग हैं और अपनी राजनैतिक ढफली खुद ही बजा रहे हैें। ऐसे में भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की रैली में बड़ी भीड़ का जूटना एक चर्चा का विषय है। इतना ही नहीं हुड्डा की मंत्रिमंडल में रही अनिता यादव का इस रैली में कोई योगदान नहीं रहा। यह रैली राव दान सिंह ने अपने बलबूते पर ही ओजित की थी। खुद राव दानसिंह भी यह नहीं जानते थे कि जनक्रांति रैली में इतनी भीड़ आ जायेगी? अब चर्चाकार कहने लगे हैं कि रथयात्रा के बहाने हुड्डा ने दक्षिण हरियाणा में सैंध लगा ली है। आने वाले चुनाव में हुड्डा फैक्टर महेंद्रगढ़ जिले की नारनौल, अटेली, नांगल चौधरी और महेंद्रगढ़ काम करेगा। इन चारों विधानसभा क्षेत्रों में इस बार कांग्रेस प्रत्याशी बड़ी ही मजबूत स्थिति में रहेंगे। परन्तु शर्त यह है कि उसको हुड्डा का समर्थन मिले। वैसे इस रैली का सबसे बड़ा राजनैतिक लाभ चुनावी समय में रैली आयोजक राव दानसिंह को मिलेगा। विधानसभा के 2014 में हुए चुनाव में राव दानसिंह को 49233 वोट मिले थे। जबकि भाजपा के रामबिलास शर्मा को 83724 वोट मिले थे और राव दानसिंह 344921 वोटों से हार गए थे। परन्तु इस बार हालत बदले हुए लग रहे हैं। शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा के समर्थकों में हुड्डा की जनक्रांति रैली में पहुंची भीड़ को देख कर निराशा का भाव आया हुआ है। इस भीड़ को लेकर रामबिलास शर्मा के खेमे में कई तरह की चर्चाएं चल रही है। कहते हैं कि इस बारे में अति उत्साहित समर्थकों ने रामबिलास शर्मा से बात भी की है। क्योकि इससे तीन दिन पहले रामबिलास शर्मा ने आभार रैली की थी, जिसमें मुख्यमंत्री आए थे। उस आभार रैली में इसके मुकाबले भीड़ कहीं ज्यादा कम रही थी। जनक्रांति रैली की भीड़ रामबिलास खेमे के लिए एक चुनौति बन गर्द है। चर्चाकारों का कहना है कि यह भीड़ आने वाले चुनाव में अपना गेम दिखायेगी।

 
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