Tuesday, March 19, 2019
Follow us on
BREAKING NEWS
प्रदेश में युवाओं के बराबर देंगे महिलाओं को रोजगार- नैना चौटालाचुनाव चिन्ह जेजेपी को मिला और जूतम-पैजार हो रहे हैं विरोधी-दुष्यंत चौटालाहरियाणा रोडवेज बस कर्मचारी ने अम्बाला (बलदेव नगर)बस रोकने से मानना किया ,बोले उनके पास परमिशन है,यात्री हुए परेशानलोकसभा आम चुनाव 2019 में आदर्श आचार संहिता के दौरान किसी भी उम्मीदवार या राजनैतिक पार्टियों द्वारा विज्ञापन सामग्री को प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में छपवाने या प्रसारण के लिए देने से पूर्व मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (एम.सी.एम.सी) से सर्टिफिकेट प्राप्त करना अनिवार्य:डॉ. इन्द्रजीत सर्विस वोटर के लिए फार्म नम्बर-2, 2ए और 3 भरना अनिवार्य: मुख्य चुनाव अधिकारी राजीव रंजनपहले काम करने नहीं दिया और...कर दिया तो अब मिटाने पर तुले हैं- दुष्यंत चौटालाचौधरी ओमप्रकाश चौटाला को लेकर सुभाष बराला की टिप्पणी अपमानजनक, चुप क्यों है इनेलो – दिग्विजय चौटालानीदरलैंड: उट्रेक्ट में हमले के बाद हाई अलर्ट जारी
National

अब हिंसक भीड़ की खैर नहीं

August 12, 2018 07:27 PM

डॉ.वेदप्रताप: वैदिकअपनी मांगों के लिए देश में दंगे और तोड़-फोड़ करनेवालों की अब खैर नहीं है, क्योंकि भारत का सर्वोच्च न्यायालय और केंद्र सरकार, दोनों ही उन पर लगाम लगाने के लिए कटिबद्ध हो गए हैं। भारत के एटार्नी जनरल ने अदालत में मांग की है कि हर जिले के सरकारी अधिकारियों को जिम्मेदार बनाकर दंगों और तोड़-फोड़ को रोका जाए। और अदालत ने भी कहा है कि जिस तरह से अवैध निर्माण-कार्यों को रोकने के लिए संबंधित जिला-अधिकारियों को जवाबदेह बनाया गया है, वैसे ही किसी भी प्रदर्शन, धरने या जुलूस के हिंसक होने पर उसे रोकने की जिम्मेदारी स्थानीय अधिकारियों पर डाली जाए। यदि वे अपनी जिम्मेदारी में असफल हों तो उन्हें उसका दंड भुगतना पड़े। पिछले दिनों पद्मावती फिल्म को लेकर कर्णी सेना ने कितना उत्पात मचाया था। उन्होंने दीपिका पादुकोण की नाक काटने की घोषणा कर दी थी और सिनेमाघरों को जलाने की धमकियां दे दी थीं। मैंने जब उस फिल्म को देखकर अपनी राय प्रकट की तो मुझे हत्या की धमकियां आने लगीं लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। इस प्रकार मराठा प्रदर्शनकारियों और अनुसूचितों ने जो भयंकर उत्पात मचाया, उसमें कावड़ियों ने और अधिक मिर्च-मसाला मिला दिया। जब तक इन हिंसक प्रदर्शनों या सामूहिक हिंसा के खिलाफ तत्काल और ठोस कार्रवाई नहीं होगी, हमारा लोकतंत्र मजाक बनकर रह जाएगा। इसका अर्थ यह नहीं कि विरोध-प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार से जनता को वंचित कर दिया जाए। जन-आक्रोश और जन-असंतोष को फूटकर बह निकलने का सबसे अच्छा रास्ता यही है लेकिन राज्य का यह धर्म है कि उसे वह हिंसक, अश्लील और फूहड़ न होने दे। जो भी इस तरह के हिंसक आयोजन करें, चाहे वे कोई संगठन हों या राजनीतिक दल हों या व्यक्ति हों, उन्हें उसकी सजा जरुर मिलनी चाहिए। उन्हें जेल हो और उन्हें जुर्माना भी भरना पड़ा तो वे इस कुकर्म से जरुर बाज आएंगे। भारतीय लोकतंत्र का स्तर ऊंचा उठेगा और देश का आम नागरिक अपने आपको अधिक सुरक्षित समझेगा।

 
Have something to say? Post your comment
 
More National News
पणजी: मनोहर पर्रिकर का अंतिम सस्कार किया गया गोवा: गडकरी बोले- सीएम बीजेपी का ही होगा, हम सहयोगियों के संपर्क में हैं पणजी: मनोहर पर्रिकर की अंतिम यात्रा जारी, उमड़ा जनसैलाब पणजी: मनोहर पर्रिकर को अंतिम विदाई देते हुए भावुक हुईं स्मृति ईरानी पणजी: थोड़ी देर में होगा मनोहर पर्रिकर का अंतिम संस्कार पर्रिकर के अंतिम दर्शन को उमड़ा गोवा, PM ने दी श्रद्धांजलि BJD प्रमुख नवीन पटनाटक ने 9 लोकसभा उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर आज PC करेगा आयकर विभाग जब वोट दें तो देश का ध्यान रखें, राहुल को मजबूत करें: प्रियंका BJP बोली- 2 बजे गोवा CM का ऐलान, 3 बजे शपथ, राजभवन पहुंची कांग्रेस