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Haryana

इस दिशा में बेहतर प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि समाज से नशे की बुराई को पूरी तरह समाप्त किया जा सके: नवराज संधू

June 26, 2018 04:25 PM
हरियाणा की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती नवराज संधू ने नशे की लत की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए  एक संगठित व एकजुट रणनीति तैयार करने पर जोर देते हुए कहा कि सभी हितधारकों को इस दिशा में बेहतर प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि समाज से नशे की बुराई को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। 
 
श्रीमती संधू आज यहां पंचकुला में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर पुलिस विभाग द्वारा आयोजित 'नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकना - शामिल मुद्दों‘ विषय पर एक संगोष्ठी में उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित कर रही थी।
 
नशीली दवाओं की लत के विभिन्न पहलुओं और इस समस्या से निपटने के तरीकों के बारे में सभी हितधारकों को संवेदनशील बनाने और जागरूक करने के लिए पुलिस विभाग द्वारा
आयोजित इस सेमिनार की सराहना करते हुए श्रीमती संधू ने सुझाव दिया नशे की रोकथाम के लिए रणनीतिक समूहों को राज्य, जिले के साथ साथ सामुदायिक स्तर पर भी मजबूत किया जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि नशे की लत के खिलाफ जागरूकता पैदा करने में आम जन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
 
ड्रग डी एडिक्शन के लिए  रोकथाम, उपचार और पुनर्वास को तीन महत्वपूर्ण पहलू बताते हुए श्रीमती संधू ने कहा कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे को सभी हितधारकों द्वारा बहुत गंभीरतापूर्वक और प्रभावी ढंग से हल करने की आवश्यकता है। राज्य स्तरीय कार्य बल को मजबूत करने के अलावा, नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी इसे एक सामाजिक अभियान के रूप में लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए अधिक उच्च दृष्टिकोण की आवश्यकता होनी चाहिए।
 
इस अवसर पर बोलते हुए मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, श्री अमित झा ने सभी संबंधित विभागों के बीच घनिष्ठ समन्वय बनाने पर जोर दिया और कहा कि नशे की लत की समस्या केवल ड्रग डी एडिक्शन केंद्रों और मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों में नही निपटाई जा सकती। माता-पिता और अभिभावकों को भी इस खतरे की गिरफ्त में आने वाले सदस्यों के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी वहन करनी होगी। इसके अलावा, नशीली दवाओं के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम भी मजबूत किए जाने चाहिए। पुलिस, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवम अधिकारिता विभाग और अन्य लोगों को इस समस्या से निपटने के लिए बहुत बारीकी से और कड़ाई से कार्य करना की आवश्यकता है। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग को बढ़ावा देने में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने होंगे। इसके अलावा, पुनर्वास केंद्रों को और बेहतर किया जाना चाहिए।
 
प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए, पुलिस महानिदेशक, श्री बी एस संधू ने कहा कि समाज के लिए नशीली दवाओं का सेवन बहुत गंभीर समस्या बन गई है और पुलिस विभाग द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। इस बुराई के खिलाफ लड़ने के लिए पुलिस विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है। राज्य में ड्रग पेडलरों पर कार्रवाई करने के लिए एक महीने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है जो 20 जुलाई, 2018 तक जारी रहेगा। इसके तहत, पुलिस ने पिछले दो महीनों के दौरान अकेले सिरसा में 100 लोगों को गिरफ्तार किया है।
 
एक पड़ोसी राज्य में नशे के व्यापार को बढ़ावा देने में एक पुलिस अधिकारी की भागीदारी का जिक्र करते हुए डीजीपी ने कहा कि अगर राज्य पुलिस का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इस तरह के गंभीर अपराध में शामिल पाया जाता है तो कानून के अनुसार उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे सेमिनार नशीली दवाओं की लत और इसके नकारात्मक गिरावट के बारे में जागरूकता बढ़ाने में काफी सहायक सिद्ध होंगे। नशे रूपी सामाजिक बुराई की रोकथाम के लिए एक रणनीति के साथ-साथ परामर्श, दंडनीय कार्यवाही और समेकित प्रयासों की आवश्यकता है। इस संगोष्ठी के परिणाम प्रदेश में नशे की रोकथाम और अन्य समकक्ष मुद्दों पर बेहतर रणनीति तैयार करने में सहायक सिद्ध होंगे।
 
डीजीपी मुख्यालय श्री के.के. मिश्रा, भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल, श्री चेतन मित्तल,एडीजीपी एसटीएफ, पंजाब, श्री हरप्रीत सिंह सिद्धू, एडीजीपी प्रशासन, श्री सुधीर चौधरी, एडीजीपी ऑपरेशन्स, श्री ए एस चावला,  वरिष्ठ वकील श्री डी एस बाली और श्री अतुल लखनपाल, डीआईजी ओसीयू पंजाब श्री कौस्तुभ शर्मा सहित पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक न्याय एवम अधिकारिता विभाग और गैर सरकारी संगठनों के लगभग 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
 
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