Tuesday, March 26, 2019
Follow us on
Haryana

HARYANA-जिले के 5700 किसान लैंड मोरगेज बैंक के 141 करोड़ के डिफाल्टर 1.23 करोड़ न चुकाने पर 14 किसानों की जमीन की होगी नीलामी

May 24, 2018 05:58 AM

COURSTEY DAINIK BHASKAR MAY 24

कर्ज में किसान : को-ऑपरेटिव सोसायटी एक्ट 1984 के तहत बैंक ने गिरवी रखी गई जमीन को नीलाम करने का फैसला लिया

भास्कर न्यूज | जींद

 जींद जिला कृषि सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (लैंड मोरगेज बैंक) ने लोन चुकाने में डिफाल्टर हुए किसानों पर अब शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिले के 5,700 किसान ऐसे हैं जो लैंड मोरगेज बैंक के 141 करोड़ रुपए के ऋण न चुका पाने के कारण डिफाल्टर हो गए हैं। इन्हीं सभी किसानों को बैंक ने नोटिस भेज कर बकाया खड़ी लोन राशि जमा कराने के लिए कहा है। वहीं जींद जिला कृषि सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक की जींद शाखा ने 14 ऐसे किसानों की जमीन नीलाम करने का फैसला लिया है। जिनकी तरफ लंबे समय से 1 करोड़ 23 लाख रुपए की लोन राशि बकाया है।
लैंड मोरगेज बैंक द्वारा किसानों की जमीन की नीलामी इसी माह 29 व 30 मई को की जाएगी और यह को-ऑपरेटिव सोसायटी एक्ट 1984 के तहत की जाएगी। बैंक अधिकारियों का कहना है कि लैंड मोरगेज बैंक सरफासी एक्ट के दायरे में नहीं आता। इसके तहत बैंक 10 लाख के कर्ज तक जमीन की नीलामी नहीं कर सकता। लैंड मोरगेज द्वारा किसानों को जमीन नीलामी के दिए गए नोटिस पर अब विरोध होना भी शुरू हो गया है। इनेलो ने कहा है कि वह किसानों की जमीन नीलाम नहीं होने देगी।
जींद. किसानों की जमीन की नीलामी न कराने को लेकर ज्ञापन देने जाते विधायक परमेंद्र सिंह ढुल।
कई साल से किसान नहीं चुका रहे लोन की राशि
जिले में 5,700 किसानों की तरफ बैंक का 141 करोड़ रुपए बकाया लोन है। कई साल से किसान यह लोन राशि चुका नहीं रहे। इन डिफाल्टर हुए किसानों को बैंक द्वारा नोटिस दिए गए हैं। जबकि जींद ब्रांच के 14 किसान जिनकी तरफ 1 करोड़ 23 लाख रुपए की लोन राशि बकाया है और वे लंबे समय से भर नहीं रहे हैं। उनकी जमीन नीलाम करने का फैसला लिया है। जमीन की नीलामी को-ऑपरेटिव सोसायटी एक्ट 1984 के तहत की जाएगी और लैंड मोरगेज बैंक सरफासी एक्ट के दायरे में नहीं आता।'-नरसिंह, सीईओ, द जींद जिला कृषि सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक जींद।
बैंक ने डिफाॅल्टर किसानों को भेजे नोटिस, लोन न चुकाने पर बैंक कई बार डिफाॅल्टरों का लगा चुका है इश्तिहार
इधर, इनेलो विधायक परमेंद्र ढुल ने जमीन की नीलामी पर रोक के लिए सौंपा ज्ञापन
इनेलो विधायक परमेंद्र सिंह ढुल ने बुधवार को कई किसानों के साथ सीएम के नाम का एक ज्ञापन डीसी अमित खत्री को सौंप कर जमीन नीलामी प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। विधायक ढुल ने ज्ञापन में कहा है कि द रिकवरी ऑफ डेबिट टू बैंक एंड फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन एक्ट 1993 (सरफासी) के अनुसार बैंक द्वारा 10 लाख के लोन तक नीलामी के नोटिस भेजना गैर कानूनी है और जमीन नीलामी को तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान कर्ज के बोझ तले दबा है और सरकार इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही। विधायक ढुल ने सरकार से किसानों की फसल मुआवजा तथा गन्ना आदि फसलों की बकाया राशि जल्द देने की मांग की है।
नीलाम नहीं होने देंगे जमीन
किसानों की जमीन नीलाम नहीं होने दी जाएगी। भारतीय किसान यूनियन मौके पर पहुंचकर विरोध करेगी। पहले भी प्रदेश में लैंड मोरगेज बैंक ने जमीन नीलाम करने की कोशिश की है लेकिन सरकार के मंसूबों को भाकियू ने पूरा नहीं होने दिया।'-रतनमान, प्रदेशाध्यक्ष भाकियू।
1 हजार से ज्यादा किसान नहीं चुका पाए लोन
जिले में किसानों की हालत कितनी दयनीय है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लैंड मोरगेज बैंक से लोन लिए हुए 1 हजार से ज्यादा किसान ऐसे हैं। जो लोन लेने के 20 साल बाद भी नहीं चुका पाए हैं। किसान लोन न चुकाने का सबसे बड़ा कारण बैंक की महंगी ब्याज दर, हर साल ब्याज के ऊपर ब्याज लगना, पेनल्टी व बैंक अधिकारियों की विजिट से लेकर अन्य खर्चे लोन में ही जोड़ना बता रहे हैं। जिस किसान ने 20 साल पहले दो लाख का लोन लिया था। उनकी तरफ अब बकाया कर्ज राशि 10 लाख को भी पार कर गई है। इतनी राशि किसानों के पास एकत्र हो नहीं पाती और किसान बैंक लोन चुका नहीं पाते।

 
Have something to say? Post your comment